ताजा खबरें | संप्रग के खिलाफ घोटालों की फेहरिस्त, इसलिए विपक्ष के पास नाम बदलने के अलावा कोई रास्ता नहीं था: शाह
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) पर उसके नाम को लेकर कटाक्ष करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के नाम पर 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले दर्ज हैं, ऐसे में विपक्ष के पास नाम बदलने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
नयी दिल्ली, नौ अगस्त विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) पर उसके नाम को लेकर कटाक्ष करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के नाम पर 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले दर्ज हैं, ऐसे में विपक्ष के पास नाम बदलने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में बोलते हुए शाह ने कहा, ‘‘विपक्ष ने नाम क्यों बदला। गठबंधन का नाम यूपीए (संप्रग) अच्छा था। लेकिन जब 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले नाम पर चढ़े हैं तो बाजार में कैसे जाएं। जब कंपनी दिवालिया हो जाती है या साख खराब हो जाती है तो नाम बदल देती है। इन्होंने भी नाम बदल लिया।’’
शाह ने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्षी गठबंधन के घटक दलों के नाम पर अनेक घोटाले दर्ज हैं जिनमें बोफोर्स, 2जी स्पेक्ट्रम, सत्यम, राष्ट्रमंडल, कोयला घोटाला, वोट के बदले नोट, आदर्श, नेशनल हेराल्ड, चारा घोटाला और आईपीएल घोटाला हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इनके पास नाम बदलने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। हमें नाम बदलने की जरूरत नहीं है।’’
शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा नीत केंद्र सरकार के छह साल और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अब तक के नौ साल के कार्यकाल में कोई ऐसा काम नहीं हुआ जिससे सिर झुकाना पड़े।
उन्होंने कहा कि भाजपा नीत राजग ने देश को स्थिरता दी है, जबकि विपक्ष की फितरत अस्थिरता लाना है।
शाह ने कहा, ‘‘मैं इस सदन के माध्यम से देश की जनता से करबद्ध विनती करता हूं कि देश को आगे ले जाना है इसलिए प्रधानमंत्री मोदी को पांच साल और दे दीजिए। अगले पांच साल में भारत दुनिया में नंबर एक का राष्ट्र बनेगा।’’
शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘न्यूजक्लिक’ के संबंध में हाल में खुलासा हुआ है जिस पर सरकार को गाली दी जाती है और विपक्ष की तरफदारी की जाती है।
उन्होंने दावा किया कि न्यूजक्लिक चीनी एजेंसी के पैसों से चलता है।
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