देश की खबरें | हिंसा प्रभावित बिरनपुर में जनजीवन हो रहा सामान्य, पुलिस ने गांव में बनाया सहायता केंद्र

बेमेतरा, 25 अप्रैल छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के दो सप्ताह बाद जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। ग्रामीण अपने नियमित काम पर जा रहे हैं तथा बंद दुकानें खुल रही हैं। हालांकि गांव में अब भी बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सोमवार को गांव में सहायता केंद्र स्थापित किया।

राजधानी रायपुर से 100 किलोमीटर दूर स्थित बिरनपुर गांव में आठ अप्रैल को स्कूली विद्यार्थियों के बीच कहासुनी के बाद हिंसा भड़क गई थी।

इस झड़प में एक स्थानीय निवासी भुनेश्वर साहू (22) की मौत हो गई थी और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। साहू की मौत के विरोध में 10 अप्रैल को दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा बुलाए गए छत्तीसगढ़ बंद के दौरान गांव के बाहरी इलाके में स्थित दो घरों में आग लगा दी गई थी।

अगले दिन बिरनपुर गांव के निवासी रहीम मोहम्मद (55) और उनके बेटे इदुल मोहम्मद (35) का शव गांव से कुछ किलोमीटर दूर से बरामद किया गया था। दोनों के शरीर पर चोटों के निशान थे।

बिरनपुर में हिंसा के बाद जिला प्रशासन ने पूरे जिले में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी थी। गांव में लगभग एक हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले हफ्ते आयोजित की गई शांति बैठक में हिंदू-मुस्लिम समुदायों के सदस्यों ने शिरकत की थी जिसके बाद गांव के अंदर लगाए गए बैरिकेड हटा दिए गए और वहां तैनात पुलिसकर्मियों को वापस बुलाना शुरू कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि साजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिरनपुर गांव में सोमवार को एक 'पुलिस सहायता केंद्र' की स्थापना की गई, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10-15 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने बताया,“लोग सहायता केंद्र में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह केंद्र क्षेत्र में अपराधों पर अंकुश लगाने में भी सहायक होगा।’’

उन्होंने बताया कि गांव में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा अब भी लागू है जिसे एक-दो दिन में हटा लिया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लोग कृषि कार्य के लिए घरों से निकल रहे हैं तथा गांव में दुकानें और सब्जी बाजार खुल गए हैं।

उन्होंने बताया कि बिरनपुर गांव की घटनाओं के संबंध में साजा थाने में दर्ज सभी छह प्राथमिकियों में जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साहू की हत्या में संलिप्तता के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि रहीम और उनके बेटे की हत्या के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा रहीम के दामाद के घर में आग लगाने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बाबत एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।

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