देश की खबरें | उपराज्यपाल ने 410 अंशकालिक व्यावसायिक शिक्षकों की सेवा मार्च 2026 तक जारी रखने को मंजूरी दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 410 अंशकालिक व्यावसायिक शिक्षकों को मार्च 2026 तक सेवा में बनाये रखने और उनके वेतन में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। राजनिवास के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, आठ जुलाई दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 410 अंशकालिक व्यावसायिक शिक्षकों को मार्च 2026 तक सेवा में बनाये रखने और उनके वेतन में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। राजनिवास के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने 402 अर्हता प्राप्त और आठ गैर-अर्हता प्राप्त अंशकालिक व्यावसायिक शिक्षकों के लिए एक अप्रैल, 2025 से 31 मार्च, 2026 तक सेवाओं के विस्तार की मांग की थी। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को उपराज्यपाल ने मंजूरी दे दी है।

एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने अंशकालिक व्यावसायिक शिक्षकों के पारिश्रमिक और सतत व्यावसायिक शिक्षा के लिए 36 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

सक्सेना ने आतिथ्य एवं पर्यटन व्यावसायिक विषय के अंतर्गत नियुक्त दो संविदा अंशकालिक व्यावसायिक शिक्षकों के अनुबंधों के नवीनीकरण को भी एक मार्च 2025 से 28 फरवरी 2026 तक की अवधि के लिए मंजूरी दे दी है।

प्रस्ताव में शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए दिल्ली के चार सरकारी सहायता प्राप्त उच्च माध्यमिक विद्यालयों में वर्तमान में तैनात नौ अंशकालिक व्यावसायिक शिक्षकों की सेवा को जारी रखने का भी प्रावधान है।

अंशकालिक व्यावसायिक शिक्षक 1970 के दशक के अंत से और 2000 के दशक के प्रारंभ से आकस्मिक या संविदा के आधार पर दिल्ली के स्कूलों में काम कर रहे हैं।

उन्हें मूल रूप से व्यावसायिक विषय पढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया था और वे राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के तहत ऐसा करना जारी रखे हैं, जिसे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पूर्ववर्ती व्यावसायिक स्ट्रीम के स्थान पर लागू किया था।

एक अधिकारी ने बताया कि ये शिक्षक वर्तमान में एनएसक्यूएफ के अनुरूप कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने में लगे हुए हैं।

विभाग के अनुसार, सेवानिवृत्ति और नयी भर्ती के अभाव के कारण अंशकालिक व्यावसायिक शिक्षकों की संख्या में लगातार कमी आ रही है, जिससे कौशल शिक्षा में निरंतरता के लिए मौजूदा शिक्षकों को बनाए रखना महत्वपूर्ण हो गया है।

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