जरुरी जानकारी | एनसीएलटी के याचिका खारिज करने के बाद लिबर्टी शूज ने कार्यकारी निदेशक गुप्ता को बोर्ड से हटाया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. लिबर्टी शूज ने अपने कार्यकारी निदेशक आदेश कुमार गुप्ता को निदेशक मंडल (बोर्ड) से हटा दिया है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने एक याचिका दायर करने के लिए कुछ छूट देने की अपील करने वाली गुप्ता की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
नयी दिल्ली, 22 नवंबर लिबर्टी शूज ने अपने कार्यकारी निदेशक आदेश कुमार गुप्ता को निदेशक मंडल (बोर्ड) से हटा दिया है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने एक याचिका दायर करने के लिए कुछ छूट देने की अपील करने वाली गुप्ता की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
लिबर्टी शूज ने शेयर बाजार को यह जानकारी दी। कंपनी ने बताया कि गुप्ता के पास कुछ अन्य शेयरधारकों के साथ कंपनी की 5.83 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 244 के तहत एक आवेदन कर उत्पीड़न और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए याचिका दायर करने के लिए कुछ छूट की अपील की थी।
उत्पीड़न और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए धारा 241 के तहत दायर की जाने वाली इस याचिका के लिए कंपनी की चुकता शेयर पूंजी के कम से कम दसवें हिस्से का समर्थन जरूरी है।
हालांकि, एनसीएलटी विशेष परिस्थितियों में इस आवश्यकता से छूट दे सकता है।
लिबर्टी शूज ने मंगलवार को शेयर बाजार को बताया कि गुप्ता ने इस छूट की अपील करते हुए एनसीएलटी के पास आवेदन किया था, जिसे 20 नवंबर, 2023 को खारिज कर दिया गया।
इससे पहले, एनसीएलटी ने लिबर्टी शूज की वार्षिक आम बैठक को हरी झंडी दे दी थी। हालांकि, न्यायाधिकरण ने कहा कि बैठक में लिए गए फैसलों पर अगले निर्देश तक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
बैठक में शेयरधारकों से गुप्ता को कंपनी के कार्यकारी निदेशक पद से हटाने का फैसला किया। एनसीएलटी के निर्देश के कारण इसे फिलहाल लागू नहीं किया गया है। लिबर्टी शूज ने दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति भी की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)