पोलेंड के परिचालक पीईआरएन ने कहा कि उसे मंगलवार की शाम ड्रुजबा पाइपलाइन में रिसाव का पता चला। रिसाव स्थल पोलैंड के शहर प्लॉक से करीब 70 किलोमीटर दूर है।
पीईआरएन ने बताया कि रिसाव के कारण का अभी पता नहीं चल सका है।
इससे पहले, पिछले महीने भी यूरोप में गैस की दो पाइपलाइनों में रिसाव की घटनाएं हुई थीं। उल्लेखनीय है कि ऊर्जा को लेकर रूस एवं पश्चिम के बीच गतिरोध अब भी कायम है।
पोलैंड सरकार के एक सुरक्षा अधिकारी स्टैनिस्लाव ज़रीन ने कहा कि रिसाव के कारणों के बारे में अनुमान लगाना अभी जल्दबाजी होगी और विशेषज्ञ इस मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, "सभी परिकल्पनाएं संभव हैं... विफलता का पैमाना पोलैंड गणराज्य की सुरक्षा को प्रभावित नहीं करता है।"
इस बीच अधिकारियों के अनुसार रिसाव के वास्तविक स्थान का पता लगाने के लिए अग्निशमन कर्मी प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी समाचार प्रसारक टीवीपी इंफो को बताया कि रिसाव के बाद फैल गए करीब 400 घन मीटर कच्चे तेल को हटा दिया गया है और पाइपलाइन से कच्चे तेल की आपूर्ति को बंद कर दिया गया है।
इस बीच जर्मनी के अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने कहा कि देश में ईंधन की आपूर्ति अभी सुरक्षित है और दो जर्मन रिफाइनरी को ड्रुजबा पाइपलाइन से कच्चे तेल की आपूर्ति हो रही है।
जर्मनी में कच्चे तेल की आपूर्ति में पिछले साल रूस की हिस्सेदारी करीब 35 प्रतिशत थी। लेकिन यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद उस अनुपात को कम कर दिया गया है।
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