देश की खबरें | नेताओं को कोविड-19 के खत्म होने को लेकर बेवजह बयान नहीं देने चाहिए: आईएमए

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नयी दिल्ली, आठ मार्च भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने सोमवार को कहा कि जनप्रतिनिधियों और सियासतदानों को कोविड-19 महामारी के खत्म होने के कगार पर होने जैसे बिना वजह के बयान नहीं देने चाहिए। ऐसी टिप्पणियों से आम लोगों में “सुरक्षा की झूठी भावना” पैदा होती है।

आईएमए की यह प्रतिक्रिया केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के बयानों पर आई है। हर्षवर्धन ने रविवार को कहा था कि देश में कोविड-19 खत्म होने की ओर बढ़ रहा है जबकि जैन ने कहा था कोरोना वायरस महामारी राष्ट्रीय राजधानी में ‘‘एंडेमिक (स्थानिक)”चरण में है।

कोई भी बीमारी स्थानिक तब होती है जब दुनिया की जनसंख्या में इसकी उपस्थिति और सामान्य प्रचलन जारी रहे यानि कि बढ़ता रहे।

डॉक्टरों की संस्था ने कहा है कि इस चरण में यह कहना कि यह बीमारी खत्म हो रही है, सही नहीं है।

आईएमए ने कहा, “ बेवजह के राजनीतिक बयान सुरक्षा की झूठी भावना पैदा करते हैं और इसलिए भारतीय चिकित्सा संघ जिसके 740 अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में अपनी जान दी है, नागरिकों से अपील करती है कि मास्क पहनें, एक-दूसरे से दूरी बना कर रखें और साफ-सफाई का ख्याल रखें। साथ में (कोविड रोधी) टीका लगवाएं।”

उसने कहा, “हमारे देश में बहुत प्रभावशाली और सुरक्षित कोरोना वायरस टीका पेश किया गया है जो हमारे लिए आत्मविश्वास के साथ इस चुनौतीपूर्ण युद्ध का सामना करने का एक उपकरण है।”

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