देश की खबरें | केरल में एलडीएफ सरकार ने ‘बफर जोन’ क्षेत्रों के सर्वेक्षण में समय बर्बाद किया: कांग्रेस नीत यूडीएफ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल में विपक्षी यूडीएफ ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ वाम मोर्चा (एलडीएफ) ने इस साल जून से उन क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने में समय बर्बाद किया, जो संरक्षित वनों और वन्यजीव अभ्यारण्यों के आसपास एक किलोमीटर के ‘बफर जोन’ में पड़ सकते हैं।
एर्णाकुलम(केरल), 18 दिसंबर केरल में विपक्षी यूडीएफ ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ वाम मोर्चा (एलडीएफ) ने इस साल जून से उन क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने में समय बर्बाद किया, जो संरक्षित वनों और वन्यजीव अभ्यारण्यों के आसपास एक किलोमीटर के ‘बफर जोन’ में पड़ सकते हैं।
राज्य सरकार की उपग्रहीय सर्वेक्षण रिपोर्ट के खिलाफ आपत्तियां पिछले कुछ दिनों से गति पकड़ रही हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय लोगों, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का नेतृत्व कर रही कांग्रेस और ईसाई धार्मिक संगठनों ने सर्वेक्षण को ‘गलत’ और ‘स्पष्टता की कमी’ वाला बताया है।
रिपोर्ट की आलोचनाओं के मद्देनजर राज्य के वन मंत्री ए. के. शशिंद्रन ने रविवार को कहा कि इसे इसके मौजूदा स्वरूप में उच्चतम न्यायालय या केंद्र के समक्ष नहीं रखा जाएगा।
मंत्री ने कहा कि राजस्व और स्थानीय स्वशासन सहित संबंधित सभी विभागों से एक व्यापक रिपोर्ट के साथ मदद मांगी गई है, जिसे शीर्ष अदालत और केंद्र सरकार के समक्ष रखा जा सकता है।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने इससे पहले दिन में कहा था कि शीर्ष अदालत ने जून में निर्देश दिया था कि पूरे राज्य में संरक्षित वनों और वन्यजीव अभयारण्यों के आसपास एक किलोमीटर चौड़ा ‘बफर जोन’ रखने की जरूरत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीएफ सरकार ने राज्य भर में स्थानीय निकायों का उपयोग करते हुए एक उपयुक्त सर्वेक्षण करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया और इसके बजाय कई महीनों का समय बर्बाद करने के बाद एक उपग्रहीय सर्वेक्षण का विकल्प चुना।
सतीशन ने आरोप लगाया कि उपग्रहीय सर्वेक्षण ‘अधूरा और गलत’ था क्योंकि इसमें सर्वेक्षण किए गए गांवों में कई आवासीय और कृषि क्षेत्रों, कस्बों और हजारों ढांचों को ध्यान में नहीं रखा गया।
विपक्ष के नेता ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, “सरकार इस मुद्दे के संबंध में अपनी ढिलाई और कुप्रबंधन के लिए क्षमा योग्य नहीं है।”
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)