देश की खबरें | वकील अदालतों में जामा-तलाशी में सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करेंगे: दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया गया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली पुलिस ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि यह निर्णय लिया गया है कि यहां विभिन्न अदालतों की बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सुरक्षा कवायद में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे तथा इस काम में सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करेंगे।
नयी दिल्ली, 17 जुलाई दिल्ली पुलिस ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि यह निर्णय लिया गया है कि यहां विभिन्न अदालतों की बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सुरक्षा कवायद में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे तथा इस काम में सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करेंगे।
पुलिस उपायुक्त, सुरक्षा (न्यायालय) द्वारा दायर एक स्थिति रिपोर्ट में कहा गया कि यह निर्णय दिल्ली बार काउंसिल के सदस्यों, अदालतों की बार एसोसिएशन और सुरक्षा इकाई, जिला एवं यातायात इकाई के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित सभी हितधारकों की एक संयुक्त बैठक में लिया गया।
उच्च न्यायालय अपने स्वयं के स्वत: संज्ञान मामले के साथ-साथ 24 सितंबर, 2021 को रोहिणी जिला न्यायालय के एक अदालत कक्ष में गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के बाद अदालत परिसर में सुरक्षा संबंधी मुद्दे पर दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने छह मई की बैठक के विवरण के आधार पर 11 जुलाई को दायर की गई स्थिति रिपोर्ट पर गौर किया और पुलिस से अदालत परिसरों की सुरक्षा को मजबूत करने के मुद्दे पर एक नयी रिपोर्ट दायर करने को कहा।
पीठ ने कहा कि ताजा स्थिति रिपोर्ट सभी पक्षकारों की छह मई को हुई संयुक्त बैठक में रखे गए सुझावों और उपायों तथा उन्हें लागू किए जाने पर आधारित होनी चाहिए।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए नौ अक्टूबर की तारीख निर्धारित की।
दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता संतोष कुमार त्रिपाठी और वकील अरुण पंवार के माध्यम से दायर स्थिति रिपोर्ट में कहा गया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी जिला अदालतों के साथ-साथ दिल्ली उच्च न्यायालय की बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करेंगे और सुरक्षा कवायद में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे।
रिपोर्ट में कहा गया, "अदालत परिसरों के अंदर वाहन में किसी भी वादी/मुवक्किल को अपने साथ लाने वाले वकील उस व्यक्ति को अदालत परिसर के बाहर छोड़ देंगे जो सुरक्षा जांच से गुजरेगा। दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) के अध्यक्ष ने बताया है कि बीसीडी ने अदालत परिसरों में प्रवेश के लिए अधिवक्ताओं को समान स्मार्ट चिप/क्यूआर कोड सक्षम आईडी कार्ड जारी करने पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया है कि अधिवक्ताओं के लिए ये आईडी कार्ड सभी जिला अदालतों में लागू होंगे।’’
इसमें कहा गया, "यह भी सूचित किया गया कि वकील अपने वाहनों की जांच और अदालत परिसर के प्रवेश बिंदुओं पर जामा-तलाशी के लिए स्वयं जवाबदेह होंगे और वकीलों के चैंबर रात नौ बजे तक बंद कर दिए जाएंगे।’’
रिपोर्ट में कहा गया कि बार एसोसिएशन अदालत परिसरों के अंदर पार्किंग स्थल पर लंबे समय से खड़े वाहनों की पहचान करेंगी और पुलिस की मदद से उन्हें हटाने के लिए कदम उठाएंगी।
इसमें कहा गया, ‘‘सुबह के व्यस्त समय में, वादियों/आगंतुकों की व्यवस्थित तरीके से आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा कर्मचारियों के अलावा, जिला पुलिस के वर्दीधारी कर्मचारियों को जांच बिंदुओं पर मौजूद रहना चाहिए। सुरक्षा कर्मचारी, जिला पुलिस और संबंधित बार एसोसिएशन सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा के लिए नियमित बैठकें करेंगे।’’
रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) के अध्यक्ष ने भी बताया है कि उच्च न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे।
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