देश की खबरें | गाजियाबाद में वकील की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जिले के सिहानी गेट थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर तहसील कार्यालय परिसर में एक वकील की उसके चैम्बर में गोली मारकर कथित रूप से हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), 30 अगस्त जिले के सिहानी गेट थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर तहसील कार्यालय परिसर में एक वकील की उसके चैम्बर में गोली मारकर कथित रूप से हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अधिवक्ता मनोज चौधरी उर्फ मोनू जाट (54) दोपहर करीब दो बजे अपने चैम्बर में खाना खा रहे थे, तभी दो हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलायीं। इस घटना में चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना के समय अन्य सभी वकील पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बार एसोसिएशनों द्वारा हापुड़ में वकीलों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बाद उनके समर्थन में बुलाई गई हड़ताल के संबंध में आगे की रणनीति बनाने के लिए बैठक कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि सूचना पाकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुंचे। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वकील के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस उपायुक्त निपुण अग्रवाल ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस दल तहसील अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित की पत्नी कविता चौधरी ने अमित डागर और नितिन डागर और उसके साथियों मदन डागर, अनुज और पालू उर्फ अमित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है, जो उनके मुताबिक गोली चलाये जाने के वक्त वहां मौजूद थे। पुलिस ने कहा कि पारिवारिक विवाद के कारण गोली मारकर हत्या की गयी है।
प्राथमिकी 302 (हत्या), 120बी (साजिश) के अलावा भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस उपायुक्त अग्रवाल ने कहा कि हत्यारों और उनके साथियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम को तैनात किया गया है।
शिकायतकर्ता कविता ने पुलिस को बताया कि उसकी भाभी सरिता चौधरी अपने पति अमित से विवाद के बाद उनके साथ रह रही थी। 15 जनवरी को आरोपी अमित ने अपनी मां, पत्नी और दो बच्चों पर गोली चला दी थी। गोलीबारी की घटना के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था।
कविता ने बताया कि कुछ महीनों के बाद जब अमित को जमानत मिली तो वह अपनी पत्नी सरिता को अपने साथ अपने आवास पर ले गया, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद उसने फिर से उसे मारना पीटना शुरू कर दिया। जिसके चलते उसने जून में फिर से अपने पति का घर छोड़ दिया और अपने भाई (मनोज चौधरी) के साथ रहने लगी।
कविता का आरोप है कि अमित ने उसके मोबाइल पर उसके पति को जान से मारने की धमकी दी थी।
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