देश की खबरें | लांसेट के अध्ययन ने कोविड-19 की ‘हर्ड इम्यूनिटी’ की संभावना पर जताया संदेह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रतिष्ठित पत्रिका ‘लांसेट’ में स्पेन का एक अनुसंधान प्रकाशित हुआ है जिसमें कोविड-19 महामारी से मुकाबले के लिए ‘हर्ड इम्यूनिटी’ की संभावना को लेकर संदेह प्रकट किया गया है ।

नयी दिल्ली, सात जुलाई प्रतिष्ठित पत्रिका ‘लांसेट’ में स्पेन का एक अनुसंधान प्रकाशित हुआ है जिसमें कोविड-19 महामारी से मुकाबले के लिए ‘हर्ड इम्यूनिटी’ की संभावना को लेकर संदेह प्रकट किया गया है ।

‘हर्ड इम्यूनिटी’ का आशय ऐसी स्थिति से है जब बहुत लोग वायरस से प्रभावित हो जाते हैं और संक्रमण का फैलना रूक जाता है।

यह भी पढ़े | Weather Forecast: यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की भविष्यवाणी, जानें मानसून की ताजा अपडेट.

विशेषज्ञों का कहना है कि ‘हर्ड इम्यूनिटी’ के लिए कम से कम 70 प्रतिशत आबादी में रोग प्रतिरक्षा तंत्र तैयार होना चाहिए ताकि संक्रमण-रहित लोग संक्रमित ना हों।

अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक 60,000 से ज्यादा लोगों पर अध्ययन कर अनुमान लगाया गया कि स्पेन की आबादी के महज पांच प्रतिशत लोगों में ही एंटीबॉडी तैयार हुई। इस अनुसंधान में राष्ट्रीय महामारी विज्ञान केंद्र, स्पेन के विशेषज्ञ भी शामिल थे ।

यह भी पढ़े | Self Scan App: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने लॉन्च किया CamScanner का विकल्प 'सेल्फ स्कैन' ऐप, कहा- यह देशभक्ति को दर्शाता है.

आबादी के आधार पर अध्ययन का मकसद स्पेन में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर कोरोना वायरस संक्रमण में ‘सीरो’ की मौजूदगी का आकलन करना था ।

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस अध्ययन के लिए 35,883 घरों को चुना गया। इसके तहत 27 अप्रैल से 11 मई के दौरान भागीदारों को कोविड-19 के लक्षणों के बारे में जवाब लिए गए।

अनुसंधानकर्ताओं ने दो तरह की जांच का विश्लेक्षण किया तो पाया कि ‘प्वाइंट ऑफ केयर’ टेस्ट में सीरो की मौजूदगी पांच प्रतिशत और इम्युनो जांच में इसकी मौजूदगी 4.6 प्रतिशत थी।

भौगोलिक आधार पर कुछ अंतर भी देखने को मिले । मैड्रिड में इसका स्तर ज्यादा (10 प्रतिशत से अधिक) रहा और तटीय क्षेत्र में यह स्तर (तीन प्रतिशत से नीचे) कम रहा ।

अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक नतीजों से पता चलता है कि स्पेन की ज्यादातर आबादी में कोरोना वायरस संक्रमण के लिए सीरो का परिणाम नकारात्मक रहा ।

पत्रिका में कहा गया, ‘‘पीसीआर जांच से पुष्ट अधिकतर मामलों में एंटीबॉडी का पता चला लेकिन कोविड-19 के लक्षण वाले बहुत सारे लोगों की पीसीआर जांच नहीं हुई। सीरोलॉजी जांच के आधार पर पुष्ट संक्रमण के कम से कम एक तिहाई मामले में मरीज में किसी तरह के लक्षण नहीं थे।’’

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा, ‘‘ये नतीजे जाहिर करते हैं कि महामारी की नयी लहर से बचने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जरूरत है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

New Zealand Women vs South Africa Women, 2nd T20I Match Prediction: पहले टी20 में जीत से शुरुआत करना चाहेगी न्यूजीलैंड महिला, मुकाबले से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती है बाजी

NZ W vs SA W, 2nd T20I Match Pitch Report And Weather Update: दूसरे टी20 में बल्लेबाजों का चलेगा बल्ला या गेंदबाज मचाएंगे कहर? यहां जानें हैमिल्टन की पिच रिपोर्ट और मौसम का हाल

New Zealand Women vs South Africa Women, 2nd T20I Match Preview: आज न्यूजीलैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच खेला जाएगा दूसरा टी20 मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड्स, पिच रिपोर्ट, स्ट्रीमिंग समेत सभी डिटेल्स

New Zealand Women vs South Africa Women, 2nd T20I Match Live Streaming In India: न्यूजीलैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच आज खेला जाएगा दूसरा टी20 मुकाबला, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे देखें लाइव मैच

\