जरुरी जानकारी | कोविड-19 के चलते नवोन्मेष, डिजिटल प्रौद्योगिकी अपना रही हैं किराना दुकानें : रपट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस संकट के दौरान जहां देशभर में किराना दुकानें अनिवार्य वस्तुओं की आपूर्ति कर लोगों के लिए जीवनरेखा बनी रहीं वहीं इससे प्रभावित हुए कारोबार के चलते पास-पड़ोस की परचून दुकानें भी नवोन्मेषी और डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाने पर ध्यान दे रही हैं।

नयी दिल्ली, छह जुलाई कोरोना वायरस संकट के दौरान जहां देशभर में किराना दुकानें अनिवार्य वस्तुओं की आपूर्ति कर लोगों के लिए जीवनरेखा बनी रहीं वहीं इससे प्रभावित हुए कारोबार के चलते पास-पड़ोस की परचून दुकानें भी नवोन्मेषी और डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाने पर ध्यान दे रही हैं।

यह जानकारी परामर्श कंपनी ईवाई के एक सर्वेक्षण में सामने आयी है। कंपनी ने देश के पांच मेट्रो और सात छोटे शहरों (गैर-मेट्रो) में विभिन्न तरह के सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि वाले छोटे-बड़े किराना दुकानदारों के साक्षात्कार कर यह रपट तैयार की है।

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ईवाई की नवीनतम ‘भारत की भावना : किराना दुकानें-देश की धमनी’ में कहा गया है कि सर्वेक्षण में शामिल 40 प्रतिशत किराना दुकानदारों ने ऑनलाइन डिलिवरी कंपनियों और आपूर्ति कंपनियों के साथ जुड़ने की इच्छा दिखायी। उनका मानना है कि इससे उन्हें अपना कारोबार बढ़ाने के साथ-साथ ऐसे (कोविड-19 संकट) समय से पार पाने में भी मदद मिल सकती है।

सर्वेक्षण के बारे में ईवाई इंडिया के सहयोगी शशांक श्वेत (ग्राहक अनुभव) ने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी के बीच किराना दुकानें स्थानीय नायक की तरह सामने आयीं। उन्होंने एक बड़ी आबादी तक अनिवार्य वस्तुओं की आपूर्ति तय की। किराना दुकानों ने ग्राहकों की बदलती मांगों को पूरा करने की कोशिशों के साथ-साथ अपनी रोजना की आपूर्ति का भी प्रबंध किया।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘ जिस तरह से इन किराना दुकानदारों ने नवोन्मेष और डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाया वह काबिले तारीफ है। फिर वह चाहें डिजिटल लेनदेन हो, परिचालन के तौर तरीकों को बदलना हो या कोविड-19 के असर को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी को अपनोन में लगने वाला समय कम करना, सब प्रशंसनीय हैं।’’

सर्वेक्षण के अनुसार मेट्रो और गैर-मेट्रो शहरों दोनों ही जगह के 20 प्रतिशत किराना दुकानदारों ने डिलिवरी और अपनी आपूर्ति श्रृंखला में मदद के लिए डिजिटल एवं ऑनलाइन मंचों का उपयोग करना शुरू कर दिया है।

इतना ही नहीं इस महामारी ने लोगों का भरोसा स्थानीय और मोहल्ले-पड़ोस की किराना दुकानों फिर से बढ़ाया है। मेट्रो शहरों में इन 79 प्रतिशत दुकानदारों ने महामारी के दौरान नए ग्राहक मिलने और छोटे शहरों में 50 प्रतिशत दुकानदारों ने नए ग्राहक आने की बात कही।

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