देश की खबरें | कोविड-19 जोखिम के बीच नीट परीक्षा के लिए भारत की यात्रा करना तनावपूर्ण, अव्यावहारिक: परीक्षार्थी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. खाड़ी देशों में कई अभ्यर्थियों ने कोविड-19 जोखिम और अनिवार्य पृथकवास में जाने के साथ ही अन्य मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ में बैठने के लिए भारत की यात्रा करना न केवल तनावपूर्ण बल्कि अव्यावहारिक भी है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 30 अगस्त खाड़ी देशों में कई अभ्यर्थियों ने कोविड-19 जोखिम और अनिवार्य पृथकवास में जाने के साथ ही अन्य मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ में बैठने के लिए भारत की यात्रा करना न केवल तनावपूर्ण बल्कि अव्यावहारिक भी है।

इन अभ्यर्थियों में से कुछ ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में इस वर्ष शामिल नहीं होने का निर्णय किया है।

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दुबई में रहने वाले रॉयस्टन मेंडोनको ने कहा, ‘‘मेरे पास विकल्प क्या है? यह अव्यावहारिक है।’’

मेंडोनका जैसे कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा खाड़ी देशों में नीट के प्रवेश परीक्षा केंद्र की इजाजत नहीं मिलने से वे मझधार में फंस गए हैं। इन अभ्यर्थियों में से कई को जेईई मेन परीक्षा खाड़ी देशों में और नीट भारत में देनी है।

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जेईई मेन के लिए परीक्षा केंद्र विदेशों में स्थापित किये गए हैं लेकिन नीट के लिए कोई ऐसी योजना नहीं है।

परीक्षा से पहले अनिवार्य पृथकवास में रहने के लिए समय से भारत पहुंचना, वापस लौटने से पहले रुकने की व्यवस्था करना, अतिरिक्त खर्च, कोविड-19 जोखिम था वापस लौटने पर घर पर फिर से पृथकवास सहित अभ्यर्थियों में मन में कई चिंताएं हैं।

मेडिकल और इंजीनियरिंग के लिए प्रवेश परीक्षा लेने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट 13 सितम्बर को और संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन एक सितम्बर से छह सितम्बर तक आयोजित करने का निर्णय किया है।

मेंडोनका ने दुबई से फोन पर पीटीआई- से कहा, ‘‘यदि मैं अगली संभावित वंदे भारत उड़ान लूं फिर भी मैं तब तक अपनी अनिवार्य पृथकवास अवधि पूरी नहीं कर पाऊंगा। साथ ही इतने तनाव में कोई इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा में कैसे बैठ सकता है।’’

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