देश की खबरें | कोविड-19 : न्यायालय का महाराष्ट्र इंजीनियरिंग और फार्मेसी की प्रवेश परीक्षायें स्थगित करने से इंकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी की वजह से महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग और फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की परीक्षायें स्थगित करने के लिये दायर याचिका सोमवार को खारिज कर दी।
नयी दिल्ली, चार अगस्त उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी की वजह से महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग और फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की परीक्षायें स्थगित करने के लिये दायर याचिका सोमवार को खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मामले की सुनवाई करते हुये कहा कि न्यायालय पहले ही जेईई और नीट परीक्षायें आयोजित करने की अनुमति दे चुका है। अब एक राज्य में इसी तरह की परीक्षायें कैसे रोकी जा सकती हैं।
पीठ ने कहा, ‘‘हम अनुच्छेद 32 के अंतर्गत दायर याचिका पर विचार के इच्छुक नहीं है। तदनुसार याचिका खारिज की जाती है।’’
सिद्धु गुरश्रुति सिंह और जसबीर सिंह सहित कई छात्रों की ओर से पेश अधिवक्ता शिवाजी जाधव ने सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र में कोविड-19 की स्थिति का हवाला दिया और कहा कि इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
महाराष्ट्र-सेट राज्य सरकार द्वारा इंजीनियरिंग और फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये सालाना परीक्षायें आयोजित करती है।
शीर्ष अदालत ने 17 अगस्त को कोविड-19 महामारी के मद्देनजर जेईई (मुख्य) अप्रैल, 2020 और नीट-यूजी की सितंबर में होने वाली परीक्षायें स्थगित करने के लिये दायर याचिका खारिज करते हुये कहा था कि छात्रों का कीमती वर्ष बर्बाद नहीं किया जा सकता और जीवन चलते रहना है। न्यायालय का मत था कि छात्रों के शैक्षणिक जीवन को लंबे समय तक जोखिम में नहीं डाला जा सकता।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाओं के आयोजन का मार्ग प्रशस्त करते हुये पीठ ने कहा था, ‘‘जीवन चलते रहना है। जीवन को आगे बढ़ना है। छात्रों का कीमती साल बर्बाद नहीं किया जा सकता।’’
अनूप
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