देश की खबरें | कोविड-19: गतिविधियों को फिर से खोलने का केन्द्र का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया: उच्च न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से खोले जाने संबंधी केन्द्र सरकार का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया था और ऐसा कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने और लोगों को भुखमरी से बचाने के प्रयास में संतुलन कायम करने के लिए किया गया था।

जियो

नयी दिल्ली, 12 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से खोले जाने संबंधी केन्द्र सरकार का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया था और ऐसा कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने और लोगों को भुखमरी से बचाने के प्रयास में संतुलन कायम करने के लिए किया गया था।

अदालत ने कानून के एक छात्र की जनहित याचिका को खारिज करते हुए उस पर 20 हजार रुपये का हर्जाना लगाया। इस छात्र ने केन्द्र के 30 मई के आदेश को चुनौती थी।

यह भी पढ़े | बिहार में दर्दनाक हादसा, कार और ट्रक की टक्कर में 1 की मौत, 5 घायल.

केन्द्र ने आदेश दिया था कि निरूद्ध क्षेत्रों में लॉकडाउन को बढ़ाया जा रहा है और निरूद्ध क्षेत्रों के बाहर चरणबद्ध तरीके से गतिविधियों को फिर से खोला जायेगा।

अदालत ने कहा कि यह याचिका ‘‘पूरी तरह से गलत है’’ और केवल ‘‘प्रचार हासिल करने’’ के लिए दायर की गई है।

यह भी पढ़े | ITBP: पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3 नए मामले सामने आए : 12 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उच्च न्यायालय ने अपने 23 पृष्ठ के फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता यह नहीं बता पाया कि 30 मई का आदेश किस तरह मनमाना है।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद की एक पीठ ने कहा कि सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह स्थिति के प्रति सजग रहे और उसका बारीकी से मूल्यांकन करे और यदि यह पाया जाए कि संक्रमण की दर बढ़ रही है, तो वे हमेशा अपने निर्णय की समीक्षा कर सकते हैं और स्थिति के अनुसार अंकुश लगा सकते हैं।

न्यायालय ने कहा, ‘‘चरणबद्ध तरीके से गतिविधियों को फिर से खोले जाने के निर्देश दिये गये है और ऐसा लगता है कि यह निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया गया है। सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह स्थिति के प्रति सजग रहे और उसका बारीकी से मूल्यांकन करे। यदि यह पाया जाए कि संक्रमण की दर बढ़ रही है, तो वे हमेशा अपने निर्णय की समीक्षा कर सकते हैं।’’

न्यायालय ने कहा कि लॉकडाउन के कारण लाखों लोगों की नौकरियां चली गई और दो लोगों को एक दिन में दो बार के भोजन के लिए खाद्य वितरण केन्द्रों के बाहर लंबी-लंबी कतारों में खड़े होना पड़ा।

उसने कहा कि कई लोग भूखे रह गए हैं और उन्हें एक बार का भोजन भी नहीं मिल पा रहा है और कई आश्रयहीन हो गए हैं और लाखों प्रवासी मजदूरों को पैदल चलकर अपने मूल स्थानों पर वापस जाना पड़ा।

न्यायालय ने कहा, ‘‘ लॉकडाउन के कारण देश की आर्थिक स्थिति पर जबरदस्त असर पड़ा है। वास्तव में, कई विश्लेषकों ने माना है कि कोविड-19 की तुलना में लॉकडाउन मानवीय पीड़ा का अधिक कारण बना है। अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया कि भारतीय अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के परिणामस्वरूप सिकुड़ जाएगी। भारतीय अर्थव्यवस्था वस्तुतः देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान ठहराव की स्थिति में आ गई।’’

उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘देश में लॉकडाउन की अवधि के दौरान उत्पादन प्रभावित हो गया। देश में निर्माण गतिविधियां रुक गई हैं। लोग बेरोजगार हो गए हैं जो देश में कानून और व्यवस्था की स्थिति के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा करता है।’’

पीठ ने कहा कि कानून के पांचवे वर्ष के छात्र अर्जुन अग्रवाल ने कानून में स्थिति को देखे बिना याचिका दायर कर दी।

याचिका में दावा किया गया था कि निषिद्ध गतिविधियों को फिर से खोलने के लिए कोई आवश्यकता या औचित्य नहीं था।

पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के वकीलों की सुरक्षा और कल्याण निधि में 20,000 रुपये जमा करने के निर्देश दिये।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

West Bengal Assembly Election 2026: अमित शाह का बड़ा वादा- 'सत्ता में आए तो वापस लाएंगे पलायन कर चुके उद्योग, महिलाओं को 33% आरक्षण'

LSG vs RR, IPL 2026 32nd Match Live Toss And Scorecard: इकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite? इकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम राजस्थान रॉयल्स के बीच रोमांचक मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट

Divyanka Sirohi Dies: हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर, मशहूर अभिनेत्री और इन्फ्लुएंसर दिव्यांका सिरोही का 30 साल की उम्र में निधन