देश की खबरें | मणिपुर के पत्रकार का ‘अपहरण’, सशस्त्र समूह से माफी मांगने के बाद रिहा किया गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मणिपुर के एक वरिष्ठ पत्रकार को मंगलवार की सुबह हथियारबंद लोगों के एक समूह ने उनके घर से कथित तौर पर अगवा कर लिया। हालांकि एक प्रतिबंधित संगठन को ‘‘आत्मसमर्पण करने वाला समूह’’ कहने के लिए माफी मांगने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

इम्फाल, 11 फरवरी मणिपुर के एक वरिष्ठ पत्रकार को मंगलवार की सुबह हथियारबंद लोगों के एक समूह ने उनके घर से कथित तौर पर अगवा कर लिया। हालांकि एक प्रतिबंधित संगठन को ‘‘आत्मसमर्पण करने वाला समूह’’ कहने के लिए माफी मांगने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

पत्रकार याम्बेम लाबा के परिवार ने कहा कि सोमवार को उन्होंने मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य की स्थिति पर मीडिया से बातचीत में कुछ टिप्पणियां की थीं।

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को तड़के लगभग तीन बजे हथियारबंद लोगों का एक समूह इम्फाल पश्चिम जिले के उरीपोक स्थित लाबा के आवास पर आया और उन्हें अपने साथ ले गया।

कोलकाता के एक अखबार से जुड़े लाबा ने बाद में कुछ चुनिंदा पत्रकारों के साथ एक अज्ञात स्थान से संवाददाता सम्मेलन किया।

लाबा ने कहा, ‘‘हाल में मैंने यूएनएलएफ को, जिसने केंद्र के साथ संघर्ष विराम किया था, आत्मसमर्पण करने वाला समूह कहा था। यह मेरी ओर से एक गलती थी और मैं उस बयान को वापस लेता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यह भी आरोप लगाया था कि (पहले) कुछ हथियारबंद लोग यूएनएलएफ (पाम्बेई) समूह के सदस्य के रूप में मेरे घर आए थे। उन्होंने कभी नहीं कहा कि वे उससे थे। इस आरोप के लिए भी मैं माफी मांगता हूं और अपनी गलती स्वीकार करता हूं।’’

ख. पाम्बेई के नेतृत्व में, यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ-पी) इंफाल घाटी में एक सशस्त्र समूह है, जिसने 29 नवंबर, 2023 को सरकार के साथ संघर्ष विराम समझौता किया और हिंसा छोड़ने पर सहमति जताई थी।

अधिकारियों ने बताया कि संवाददाता सम्मेलन के कुछ घंटे बाद लाबा मणिपुर की राजधानी इंफाल के एक पुलिस थाने में पेश होकर अपने घर पहुंचें।

इससे पहले दिन में लाबा के बड़े भाई याम्बेम अंगम्बा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कल मीडिया से बातचीत के दौरान लाबा ने मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद मौजूदा राजनीतिक संकट के बारे में बात की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के बारे में भी बात की थी। (अपहरण के बाद) परिवार द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद मंगलवार सुबह पुलिस उनके घर पहुंची।’’

मई 2023 में राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

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