मुंबई, 18 जनवरी यहां की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को शिव सेना (यूबीटी) के पदाधिकारी सूरज चव्हाण को कोविड-19 महामारी के दौरान प्रवासियों को खिचड़ी के वितरण में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में 22 जनवरी तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया।
ईडी ने अदालत से कहा कि "एक वरिष्ठ नेता’’ का करीबी होने के कारण आरोपी महामारी के दौरान लोगों के बीच खिचड़ी की आपूर्ति के लिए एक फर्म की खातिर आदेश हासिल करने में कामयाब रहा।
उद्धव ठाकरे नीत शिव सेना (यूबीटी) की युवा इकाई की कोर कमेटी के सदस्य चव्हाण को एजेंसी के कार्यालय में पूछताछ के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया था।
धन शोधन का मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एक प्राथमिकी से उपजा है।
एजेंसी ने पूछताछ के लिए आरोपी को आठ दिन की हिरासत में दिए जाने की मांग की। एजेंसी की रिमांड याचिका का विरोध करते हुए चव्हाण के वकील हर्षद भदभाडे ने कहा कि "राजनीतिक रूप से प्रभावशाली किसी व्यक्ति" को जानना कोई अपराध नहीं है।’’ उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी नेता से उनकी निकटता अपराध है?"
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को 22 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY