देश की खबरें | केरल पुलिस ने ‘यहोवा के साक्षी’ को मिली धमकियों की जांच शुरू की

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कोच्चि, 14 मई केरल पुलिस ने ‘यहोवा के साक्षी’ के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) की, धमकी भरा अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल आने संबंधी शिकायत के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

‘यहोवा के साक्षी’ ईसाईयों का एक संप्रदाय है। यह एक वैश्विक धार्मिक संगठन है जो ईश्वर को ‘यहोवा’ कहता है।

फोन करने वाले ने कथित तौर पर चेतावनी दी थी कि कलमस्सेरी सिलसिलेवार विस्फोट मामले में आरोपियों के खिलाफ गवाही देने वाले समूह के सदस्यों की हत्या कर दी जाएगी।

कलमस्सेरी थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, फोन करने वाले ने उन सभी सम्मेलनों और प्रार्थना कक्षों में बम लगाने की भी धमकी दी जहां पीआरओ धार्मिक सेवाएं आयोजित करते हैं।

पुलिस ने पुष्टि की कि पीआरओ ने बताया कि उन्हें 12 मई को रात 9.57 बजे मलेशिया के एक नंबर से कॉल आया था।

उन्होंने बुधवार को बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है और मामले में जांच जारी है।

यह धमकी ऐसे समय में दी गई है जब अक्टूबर 2023 में यहां कलमस्सेरी में ‘यहोवा के साक्षियों’ की एक सभा के दौरान हुए विस्फोटों के संबंध में मुकदमा शुरू होने वाला है। इस घटना में आठ लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे।

धमाकों के कुछ घंटों बाद डोमिनिक मार्टिन नामक व्यक्ति ने त्रिशूर जिले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। मार्टिन कथित तौर पर समूह का पूर्व सदस्य है और उसने हमले की जिम्मेदारी ली थी। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

पुलिस ने बुधवार को बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है।

‘यहोवा के साक्षी’ ईसाई धर्म का एक संप्रदाय है जिसकी उत्पत्ति 19वीं सदी के अमेरिका में मानी जाती है। इतिहासकारों के अनुसार, ‘यहोवा के साक्षी’ को ‘इंटरनेशनल बाइबिल स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ की एक शाखा माना जाता था, जिसकी स्थापना चार्ल्स टेज रसेल ने वर्ष 1872 में अमेरिका के पिट्सबर्ग में की थी।

मुख्यधारा के ईसाई संप्रदायों के विपरीत ‘यहोवा के साक्षी’ पवित्र त्रिमूर्ति (परमेश्वर पिता, परमेश्वर पुत्र - यीशु और परमेश्वर पवित्र आत्मा) में विश्वास नहीं करते, बल्कि यह समूह ‘बाइबल के परमेश्वर और सभी चीजों के सृजनकर्ता के रूप में ‘यहोवा’ की आराधना करता है।

समूह के अनुयायी ईसा मसीह को ईश्वर का पुत्र मानते हैं, न कि स्वयं ईश्वर। वे ईसा मसीह द्वारा स्थापित शिक्षाओं और उदाहरणों से सीखते हैं; इसलिए वे खुद को ईसाई मानते हैं।

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