तिरुवनंतपुरम, 23 अक्टूबर केरल के देवस्वोम मंत्री वी.एन. वासवन ने आतिशबाजी को लेकर केंद्र सरकार के नए नियमों को ‘तर्कहीन’ और ‘अनावश्यक’ बताया। साथ ही उन्होंने आतिशबाजी करने के लिए कुछ शर्तों को निर्धारित करने वाली हालिया राजपत्र अधिसूचना में संशोधन की मांग करते हुए केंद्र सरकार को एक पत्र भेजा है।
राजपत्र अधिसूचना में शामिल अन्य शर्तों में, शर्त संख्या-दो के अनुसार, गोला-बारूद रखने वाले लाइसेंस प्राप्त भंडार केंद्र को आतिशबाजी करने वाले स्थान से कम से कम 200 मीटर की दूरी पर स्थित होना आवश्यक है।
बुधवार को यहां जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मंत्री वी.एन. वासवन ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को भेजे पत्र में इस निर्णय को ‘अनावश्यक’ बताया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस मामले में ‘व्यावहारिक दृष्टिकोण’ अपनाने का आग्रह किया है।
वासवन ने पत्र में कहा, “आतिशबाजी राज्य में धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा है और यह त्योहारों का एक प्रमुख आकर्षण भी है। ऐसे में यदि केंद्र सरकार के आदेश का पालन किया जाएगा तो आतिशबाजी नहीं की जा सकेगी। इससे श्रद्धालुओं को मानसिक परेशानी भी होगी।”
मंत्री ने प्रसिद्ध त्रिशूर पूरम का जिक्र करते हुए कहा कि यह वार्षिक उत्सव केरल का गौरव है और इस दौरान कई घंटे तक की जाने वाली आतिशबाजी लोगों को बहुत आकर्षित करती है, लेकिन केंद्र सरकार के नये नियमों के कारण पूरम उत्सव की चमक फीकी पड़ जाएगी।
वासवन ने कहा कि राज्य में कई ऐसे पूजा स्थल हैं, जिन्होंने आतिशबाजी को अपने उत्सव का हिस्सा बना लिया है इसलिए केंद्र सरकार के नये नियमों के कारण इन सभी पर गलत प्रभाव पड़ेगा।
मंत्री ने कहा, “वर्तमान निर्णय अनावश्यक और तर्कहीन है। यह सामाजिक स्थिति को समझे बिना लिया गया है।”
वासवन ने पत्र में केंद्र से अनुरोध किया कि वह इस संबंध में एक ‘व्यावहारिक दृष्टिकोण’ अपनाए और त्रिशूर पूरम सहित सभी उत्सवों को उनसे संबंधित सभी अनुष्ठानों के साथ आयोजित करने की अनुमति दें।
इससे पहले, राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन ने आतिशबाजी के आयोजन के लिए कुछ शर्तें निर्धारित करने वाली केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जारी राजपत्र अधिसूचना का कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि यह अधिसूचना प्रतिष्ठित त्रिशूर पूरम उत्सव के लिए हानिकारक होगी।
राजन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र भेजा था जिसमें कहा गया था कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा 11 अक्टूबर को जारी अधिसूचना से पूरम मनाने वाले लोगों को ‘बेहद निराशा’ हुई है क्योंकि आतिशबाजी इस त्योहार का ‘अभिन्न अंग’ है।
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