देश की खबरें | बढ़ा वेतन लागू करने की केदी की याचिका अदालत ने आप सरकार से जवाब मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक कैदी द्वारा वर्ष 2019 के बढ़े हुए दैनिक वेतन के आधार पर भुगतान करने के लिए दायर याचिका पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और जेल प्रशासन से जवाब मांगा।
नयी दिल्ली, 15 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक कैदी द्वारा वर्ष 2019 के बढ़े हुए दैनिक वेतन के आधार पर भुगतान करने के लिए दायर याचिका पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और जेल प्रशासन से जवाब मांगा।
न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने दिल्ली सरकार और महानिदेशक कारावास को नोटिस जारी कर कैदी की याचिका पर जवाब मांगा। कैदी ने अपनी याचिका में वर्ष 2014 की दर से दैनिक वेतन के भुगतान को चुनौती दी है।
यह भी पढ़े | महाराष्ट्र के नासिक में कई इलाकों में भारी बारिश से जल जमाव: 15 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
याचिकाकर्ता के मुताबिक वर्ष 2014 की दर से कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल श्रेणी में क्रमश: 361रुपये, 328 रुपये और 297 रुपये का भुगतान किया जाता है। वहीं गुजारा खर्च काटने के बाद तीनों श्रेणी में क्रमश: 171 रुपये, 138 रुपये और 107 रुपये मिलते हैं।
याचिका में कहा गया, वर्ष 2019 में संशोधित दर के मुताबिक कुशल, अर्ध कुशल और अकुशल श्रेणी में क्रमश: 652 रुपये, 592 रुपये और 538 रुपये दैनिक वेतन देने का प्रावधान किया गया है। गुजारा खर्च काटने के बाद तीनों श्रेणी में क्रमश: 308 रुपये, 248 रुपये और 194 रुपये बचते हैं।
यह भी पढ़े | पाकिस्तान में लापता हुए भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारी, MEA ने पाक उच्चायुक्त को किया तलब.
दिल्ली सरकार और जेल प्रशासन की ओर से अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता संजय घोष और अधिवक्ता उर्वी मोहन ने अदालत को बताया कि जून 2019 में दैनिक वेतन को संशोधित करने का फैसला गृह विभाग के विचाराधीन है और इसको लागू करने पर चार सप्ताह में फैसला लिया जाएगा।
प्रतिवादियों द्वारा दी गई जानकारी को संज्ञान में लेते हुए उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को मध्य जुलाई तक फैसला लेने और इसकी जानकारी देने का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
याचिकाकर्ता के मुताबिक एक बार वेतन संशोधित करने और इसकी जानकारी देने के तुरंत बाद इसे प्रभावी हो जाना चाहिए। हालांकि, 20 जून 2019 को इसकी सूचना जारी होने के एक साल बाद तक इसे लागू नहीं किया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)