बेंगलुरू, 21 अप्रैल कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को राज्य की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अनुसूचित जाति उपयोजना (एससीएसपी) एवं आदिवासी उप योजना (टीएसपी) के लिए आवंटित 7,885 करोड़ रुपये का इस्तेमाल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के मद में करके दलितों और अनुसूचित जनजातियों को 'धोखा' दिया है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्नाटक अनुसूचित जाति उप-योजना और आदिवासी उप-योजना (योजना, आवंटन और वित्तीय संसाधनों का उपयोग) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया है तथा रकम को बुनियादी ढांचे के विकास के मद में इस्तेमाल किया।
सिद्धरमैया ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘वर्ष 2021-22 के लिए एससीपी-टीएसपी अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए 26,695.64 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 7,885 करोड़ रुपये दूसरे मद में खर्च कर अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। यह कानून के खिलाफ है और मैं कर्नाटक के मुख्यमंत्री से इन प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं।’’
सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा अधिनियमित और लागू किए गए एससीपी-टीएसपी अधिनियम के अनुसार, बजट का 24.1 प्रतिशत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण पर खर्च करना होगा। अधिनियम के अनुसार जिस धन का इस्तेमाल नहीं हो पाएगा, उसे अगले वित्तीय वर्ष में खर्च किया जाना चाहिए।
यदि इस अधिनियम के अंतर्गत किसी विशिष्ट प्रयोजन के लिए आवंटित धनराशि का उपयोग उस उद्देश्य के लिए नहीं किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी को अधिनियम के अनुसार दंडित किया जा सकता है।
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