देश की खबरें | पेट्रोल-डीजल पर मिले राजस्व को कमलनाथ सरकार ने सलमान, जैकलीन की आव-भगत में उड़ा दिया :मिश्रा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मध्य प्रदेश में कांग्रेस की साइकिल रैली के अगले ही दिन राज्य के गृह और स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार पर बृहस्पतिवार को निशाना साधा।
इंदौर (मध्य प्रदेश), 25 जून पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मध्य प्रदेश में कांग्रेस की साइकिल रैली के अगले ही दिन राज्य के गृह और स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार पर बृहस्पतिवार को निशाना साधा।
मिश्रा ने यहां संवाददाताओं से कहा, "उन्होंने (पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार) पेट्रोल-डीजल पर कर बढ़ाकर जो राजस्व कमाया, उसे आईफा अवॉर्ड समारोह की मेजबानी के नाम पर सलमान खान और जैकलीन फर्नांडीज जैसे फिल्मी सितारों को मध्य प्रदेश बुलाकर उनकी आव-भगत में खर्च कर दिया, जबकि मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सरकारी खजाने के धन को कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के साथ ही गरीबों, किसानों और मजदूरों पर खर्च कर रहे हैं।"
इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी (आईफा) का पुरस्कार समारोह कमलनाथ की अगुवाई वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार के सहयोग से 27 से 29 मार्च तक इन्दौर में आयोजित होना था। सलमान और जैकलीन ने फरवरी में भोपाल आकर एक भव्य कार्यक्रम में इन तारीखों की औपचारिक घोषणा की थी। इसमें कमलनाथ भी शामिल हुए थे। हालांकि, कोरोना वायरस संक्रमण की चिंताओं के मद्देनजर आयोजकों ने छह मार्च को घोषणा की थी कि इस पुरस्कार समारोह को स्थगित किया जाता है।
मिश्रा ने कांग्रेस को "डूबता जहाज" करार देते हुए आरोप लगाया कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें नहीं घटाने और चुनावी घोषणा पत्र के अन्य मुद्दों पर जनता से वादाखिलाफी के चलते ही 20 मार्च को कमलनाथ सरकार चली गयी थी।
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गौरतलब है कि सूबे के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने बुधवार को कई स्थानों पर साइकिल रैली निकालकर पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा था।
मिश्रा ने कोविड-19 के प्रकोप की शुरूआत पर भी पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार को घेरते हुए कहा, "तबलीगी जमात से जुड़े लोग फरवरी से मार्च के बीच लगातार मध्य प्रदेश आते रहे। लेकिन खुफिया तंत्र की नाकामी के चलते तत्कालीन कमलनाथ सरकार को इसका पता ही नहीं चल सका।"
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इंदौर समेत पूरे प्रदेश में फिलहाल कोविड-19 की स्थिति नियंत्रण में है। मिश्रा ने कहा, "जो लोग बोलते थे कि (कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में) इंदौर, चीन के वुहान जैसा हो गया है, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि इंदौर में इस महामारी के मरीजों के उपचार के बाद उनके ठीक होने की दर (रिकवरी रेट) अब बढ़कर 74 प्रतिशत हो गयी है।"
उन्होंने दावा किया कि इंदौर, मुंबई और दिल्ली में कोविड-19 का प्रकोप "कमोबेश एक साथ" शुरू हुआ था। लेकिन फिलहाल दोनों महानगरों के मुकाबले इंदौर में इस महामारी पर नियंत्रण के हालात काफी बेहतर हैं।
संवाददाताओं के साथ बातचीत से पहले, मिश्रा संक्रमण रोधी पीपीई किट पहनकर शहर के श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सैम्स) के कोविड-19 वॉर्ड में दाखिल हुए और वहां भर्ती मरीजों से बात कर उनके हाल-चाल जाने।
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