देश की खबरें | बाबरी मामले में फैसला न्याय का मजाक: मोइली
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने बृहस्पतिवार को बाबरी विध्वंस मामले में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा सभी आरोपियों को बरी किया जाना न्याय का मजाक है।
नयी दिल्ली, एक अक्टूबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने बृहस्पतिवार को बाबरी विध्वंस मामले में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा सभी आरोपियों को बरी किया जाना न्याय का मजाक है।
उन्होंने यह दावा किया कि इस फैसले से न्यायपालिका की तरफ से ‘असंवेदनशीलता’ प्रदर्शित होती है।
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मोइली ने एक बयान में कहा, ‘‘रथ यात्रा और मस्जिद का गिराया जाना पूरे देश के सामने हुआ। पूरी दुनिया इसकी गवाह बनी। लेकिन सीबीआई इस सबूत को नहीं देख पाई।’’
उन्होंने दावा किया कि यह फैसला न्याय का मजाक है।
गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बुधवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, यह एक आकस्मिक घटना थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले, बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी।
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