जरुरी जानकारी | इस्पात, एल्युमीनियम वस्तुओं के निर्यात के लिए अमेरिका के साथ संयुक्त निगरानी तंत्र अंतिम चरण में
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत और अमेरिका कुछ प्रकार के इस्पात और एल्युमीनियम उत्पादों के निर्यात के लिए एक संयुक्त निगरानी तंत्र स्थापित करने के अंतिम चरण में हैं।
जयपुर, 25 अगस्त भारत और अमेरिका कुछ प्रकार के इस्पात और एल्युमीनियम उत्पादों के निर्यात के लिए एक संयुक्त निगरानी तंत्र स्थापित करने के अंतिम चरण में हैं।
एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इस व्यवस्था के तहत बिना अतिरिक्त शुल्क दिए अमेरिका को कुछ प्रकार के इस्पात और एल्युमीनियम उत्पादों का निर्यात किया जा सकेगा।
इस समय भारत से इन उत्पादों के निर्यात पर अमेरिका में अतिरिक्त शुल्क लगता है, क्योंकि वाशिंगटन ने 2018 में राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर इस्पात उत्पादों पर 25 प्रतिशत और कुछ एल्युमीनियम उत्पादों पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया था।
भारत ने जवाबी कार्रवाई में जून 2019 में 28 अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त सीमा शुल्क लगाया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जून में अमेरिका यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने व्यापार संबंधी अड़चनों को दूर करने का फैसला किया था। इसके तहत दोनों पक्ष विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में छह व्यापार विवादों को खत्म करने पर सहमत हुए।
इन छह विवादों को पारस्परिक रूप से सुलझा लिया है और भारत ने चना, दाल और सेब सहित आठ अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क हटाने का फैसला किया है, जो 2019 में लगाए गए थे।
दूसरी ओर अमेरिका कुछ भारतीय इस्पात और एल्युमीनियम उत्पादों को अधिक बाजार पहुंच देने पर सहमत हुआ है। इससे देश के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
अधिकारी ने कहा, ''एक संयुक्त निगरानी तंत्र की स्थापना अंतिम चरण में है। इससे इन उत्पादों के निर्यात की निगरानी करने और किसी विवाद को सुलझाने में मदद मिलेगी।''
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