देश की खबरें | जोधपुर के वकील न्यायपालिका पर मुख्यमंत्री गहलोत की 'भ्रष्टाचार' टिप्पणी के खिलाफ हड़ताल पर

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जोधपुर, एक सितंबर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की न्यायपालिका पर ‘‘भ्रष्टाचार’’ संबंधी टिप्पणी के खिलाफ जोधपुर की निचली अदालतों और उच्च न्यायालय के हजारों वकील शुक्रवार को एक दिन की हडताल पर रहे जिससे अदालती कामकाज प्रभावित हुआ।

उच्च न्यायालय अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ने माफी नहीं मांगी तो हड़ताल तेज की जाएगी। एसोसिएशन के महासचिव गिरधर सिंह भाटी ने दावा किया कि गहलोत का बयान कार्यपालिका में भ्रष्टाचार को रोकने में उनकी मजबूरी को प्रदर्शित करता है।

गहलोत ने बुधवार को कहा था कि कुछ न्यायाधीश वकीलों द्वारा तैयार किए गए आदेशों को पढ़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था, ‘‘आज न्यायपालिका में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त है।’’ हालांकि, एक दिन बाद, गहलोत ने कहा कि बयान उनकी ‘‘व्यक्तिगत राय’’ को प्रतिबिंबित नहीं करता है।

जोशी ने कहा कि गहलोत खुद एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ता और तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं और ‘‘उनके लिए इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करना और न्यायपालिका के खिलाफ बयान देना बेहद अशोभनीय है।’’

कार्यपालिका में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए, भाटी ने कहा, ‘‘गहलोत अपनी सरकार में इस भ्रष्टाचार को रोकने में बुरी तरह विफल रहे हैं। यह बयान इस विफलता को छिपाने और लगभग हर दिन सुर्खियां बन रहे भ्रष्टाचार से लोगों का ध्यान हटाने के लिए दिया गया है।’’

मुख्यमंत्री को दिए अपने ज्ञापन में, एसोसिएशन ने गहलोत से सार्वजनिक माफी की मांग की और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। भाटी ने कहा कि गहलोत का बयान अदालत की अवमानना की श्रेणी में आता है और एसोसिएशन विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव रखेगी।

इससे पहले दिन में, राजस्थान उच्च न्यायालय अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि भंसाली ने कहा कि जोधपुर में लगभग 10,000 वकील हैं और उन सभी ने स्वेच्छा से काम का बहिष्कार किया है।

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री ने न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है और अधिवक्ता आज एक दिन के प्रतीकात्मक विरोध के रूप में काम नहीं कर रहे हैं।

भंसाली ने कहा कि बहिष्कार के कारण अदालत में सुनवाई भी प्रभावित हुई।

प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को एक ज्ञापन भी सौंपा।

जयपुर में बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में गहलोत ने कहा था, ‘‘आज न्यायपालिका में भ्रष्टाचार व्याप्त है। मैंने सुना है कि कुछ वकील खुद ही फैसला लिखकर लाते हैं और वही फैसला सुनाया जाता है।’’

बाद में, एक अधिवक्ता ने राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और एक अन्य ने गहलोत के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की सहमति के लिए राज्य के महाधिवक्ता को एक आवेदन भेजा।

बयान से आहत वकीलों ने जोधपुर की सभी अदालतों में एक दिन की हड़ताल की घोषणा की थी, जहां राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ स्थित है।

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