विदेश की खबरें | अमेरिकी सीनेटर को चुनौती देते हुए जयशंकर बोले,भारत 80 करोड़ लोगों को भोजन उपलब्ध कराने में समर्थ
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म्यूनिख, 15 फरवरी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक अमेरिकी सीनेटर को चुनौती देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक भारत 80 करोड़ लोगों को भोजन उपलब्ध कराने में समर्थ है। दरअसल, अमेरिकी सीनेटर एलिसा स्लोटकिन ने कहा कि लोकतंत्र ‘मेज पर भोजन नहीं परोसता’ है, लेकिन उनके इस बयान पर जयशंकर ने कहा कि भारत में ऐसा होता है।
जयशंकर जाहिर तौर पर म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में एक पैनल चर्चा में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) का जिक्र कर रहे थे, जहां उन्होंने सीनेटर एलिसा स्लोटकिन के बयान पर यह जवाब दिया।
जयशंकर ने कहा, ‘‘सीनेटर, आपने कहा कि लोकतंत्र आपकी मेज पर भोजन नहीं रखता है। वास्तव में ... दुनिया के मेरे हिस्से में, यह (लोकतंत्र) ऐसा करता है। आज, हम एक लोकतांत्रिक समाज हैं और हम 80 करोड़ लोगों को पोषण सहायता और भोजन उपलब्ध कराते हैं।’’
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक समाज है, इसलिए यह 80 करोड़ लोगों को पोषण सहायता और भोजन उपलब्ध कराने में समर्थ है।
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन (एमएससी) में शुक्रवार को ‘एक और दिन वोट करने के लिए जियें: लोकतांत्रिक लचीलेपन को मजबूत करना’ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा के दौरान जयशंकर ने यह टिप्प्णी की।
उन्होंने कहा, ‘‘यह इस बात पर निर्भर करता है कि वे कितने स्वस्थ हैं और उनका पेट कितना भरा हुआ है। इसलिए, मैं यह कहना चाहता हूं कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह की बातचीत हो रही है। कृपया यह न समझें कि यह एक तरह की सार्वभौमिक घटना है, ऐसा नहीं है।’’
विदेश मंत्री ने कहा कि कुछ हिस्से ऐसे हैं, जहां यह अच्छी तरह से काम कर रहा है, लेकिन हो सकता है कि कुछ हिस्से ऐसे हों जहां यह ठीक से काम न कर रहा हो।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि लोगों को इस बारे में ईमानदारी से बातचीत करनी चाहिए कि ऐसा क्यों नहीं हो रहा है।’’
केंद्र सरकार एक जनवरी, 2023 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत दो प्रकार के लाभार्थियों को पीएमजीकेएवाई के तहत मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध करा रही है और फिर इसे एक जनवरी, 2024 से पांच साल के लिए बढ़ा दिया है।
दिसंबर 2024 तक के सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि 80.67 करोड़ लोगों को दो श्रेणियों में मुफ्त खाद्यान्न मिलता है। अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के हर परिवार को प्रति माह 35 किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त मिलता है और प्राथमिकता वाले परिवारों (पीएचएच) के लाभार्थियों के मामले में हर व्यक्ति को प्रति माह पांच किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न मिलता है।
मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एमएससी-2025 की शुरुआत ‘एक और दिन वोट करने के लिए जियें: लोकतांत्रिक लचीलापन मजबूत करना’ विषय पर पैनल चर्चा से हुई। इसमें प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर, इलिसा स्लॉटकिन और त्रजास्कोव्स्की भी शामिल हुए। भारत को एक प्रभावी लोकतंत्र के रूप में रेखांकित किया। मौजूदा राजनीतिक निराशावाद के प्रति असहमति जताई। विदेशी हस्तक्षेप पर अपने विचार रखे।’’
जयशंकर के अलावा, पैनल में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर, अमेरिकी सीनेटर स्लॉटकिन और वारसॉ के महापौर रफाल त्रजास्कोवस्की शामिल हुए।
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