देश की खबरें | जम्मू कश्मीर: 28 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारी आयकर विभाग की जांच के दायरे में
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू-कश्मीर में कार्यरत 28 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारी आयकर विभाग की जांच के दायरे में हैं। इन कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये के फर्जी आयकर रिटर्न (आईटीआर) का कथित तौर पर दावा किया था। आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी।
श्रीनगर, चार जून जम्मू-कश्मीर में कार्यरत 28 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारी आयकर विभाग की जांच के दायरे में हैं। इन कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये के फर्जी आयकर रिटर्न (आईटीआर) का कथित तौर पर दावा किया था। आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों में 8,000 पुलिस और अर्धसैनिक बल के कर्मी भी शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक यह कथित धोखाधड़ी वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 में आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के दौरान हुई थी। वहीं, पिछले वित्तीय वर्ष में भी इसी तरह की गड़बड़ी के बाद विभाग ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और 404 अन्य लोगों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा में दो आपराधिक मामले दर्ज कराये थे।
सूत्रों ने बताया कि कथित अनियमितताएं कुछ समय पहले तब सामने आईं जब श्रीनगर में 'स्रोत पर कर कटौती' (टीडीएस) विभाग ने पाया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में कई लोगों ने विभिन्न मदों के तहत "अत्यधिक और अपात्र कटौती" का दावा किया था।
विभाग ने पाया कि इनमें से कई लोगों ने गलत आईटीआर दाखिल की थी और रिफंड के रूप में लगभग चार लाख रुपये का दावा किया था।
सूत्रों ने बताया कि विभाग ने 25 मई को दर्ज की गई दो प्राथमिकियों के परिणामस्वरूप पुलिस के साथ इन 405 लोगों के नाम, पते, पैन और बैंक खातों को साझा किया।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज को असली बताकर इस्तेमाल करना), 120बी (आपराधिक साजिश) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 डी (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है।
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