नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने पश्चिम एशिया एवं अन्य जगहों के मुस्लिमों द्वारा फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार के आह्वान का बुधवार को समर्थन किया।
जमीयत के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने एक बयान में, ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर पैगंबर मोहम्मद के अपमानजनक कार्टूनों का समर्थन करने’’ के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों की कड़ी निंदा की।
बयान में कहा गया कि मदनी फ्रांस के खिलाफ बहिष्कार के अभियान सहित शांतिपूर्ण विरोध के हर माध्यम का समर्थन करते हैं।
मदनी के हवाले से कहा गया कि मुसलमानों को उकसाने वाली स्थितियों के मद्देनजर संयम बरतना चाहिए और बुद्धिमानी से इस्लाम का सच्चा संदेश देना चाहिए।
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पश्चिम एशिया और अन्य स्थानों के मुसलमानों ने पैगंबर मोहम्मद के चित्रण को लेकर फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार और प्रदर्शन का आह्वान किया है।
गौरतलब है कि इस महीने के शुरू में छात्रों को पैगंबर मोहम्मद के कार्टून दिखाने वाले एक फ्रांसीसी शिक्षक का सिर कलम कर दिया गया था।
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