देश की खबरें | खर्च कटौती उपायों में वरिष्ठ अधिकारियों के भत्ते शामिल नहीं करना अनैतिक: एअर इंडिया पायलट संघ
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नयी दिल्ली, 24 जुलाई एअर इंडिया की दो अग्रणी पायलट यूनियनों ने शुक्रवार को कहा कि एअरलाइन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपने भत्तों को खर्च में कटौती के उपायों से बाहर रखना अनैतिक है।
एअर इंडिया बीते कुछ समय से खर्च में कटौती के कदम उठा रही है। बुधवार को एयरलाइन ने 25,000 रूपये से अधिक कुल मासिक आय पाने वाले कर्मचारियों के मासिक भत्तों में 50 फीसदी तक की कटौती की घोषणा की थी।
इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (आईसीपीए) और इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) ने एअर इंडिया के चेयरमैन तथा प्रबंध निदेशक राजीव बंसल को शुक्रवार को भेजे एक पत्र में कहा कि एअर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए यह 50 फीसदी कटौती केवल ‘‘अन्य भत्तों’’ पर है और यह निदेशक-कार्मिक के कुल वेतन में लगभग 10 फीसदी के बराबर होगी।
पत्र में कहा गया कि शीर्ष प्रबंधन के लोगों को वेतन में बड़ी कटौती से बचाने के लिए यह आंखों में धूल झोंकने का जानबूझकर किया गया प्रयास है।
पत्र में कहा गया, ‘‘कार्यशील निदेशकों, कार्यकारी निदेशकों, क्षेत्रीय निदेशकों और महाप्रबंधकों के लिए करीब 63 कारें किराए पर दिलायी गई हैं। इनका प्रतिकार प्रतिमाह औसत किराया करीब 24,000 रूपये होता है जो सालाना करीब दो करोड़ रूपये का कुल व्यय होता है। लेकिन खर्च में कटौती के उपायों में इस पर विचार जानबूझकर नहीं किया गया।’’
पत्र में यह भी बताया गया कि फंक्शनल निदेशकों को प्रतिमाह 270 लीटर ईंधन और कार्यकारी निदेशकों को प्रतिमाह 140 लीटर ईंधन दिया जाता है। इसमें कहा गया, ‘‘इन दो श्रेणी के अधिकारियों के लिए ईंधन का खर्च करीब 30 लाख रूपये सालाना पड़ता है।’’
बुधवार को एअर इंडिया ने ईंधन भुगतान में दस फीसदी कटौती की घोषणा की थी जिसे पत्र में ‘‘बहुत कम’’ बताया गया।
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