विदेश की खबरें | इजराइल के अरबपति व्यक्ति के पोत पर हमला: ब्रिटिश सैन्य समूह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. हमला बृहस्पतिवार रात को ऑइल टैंकर ‘मेरसेर स्ट्रीट’ को निशाना बना कर किया गया। यह घटना बृहस्पतिवार देर रात को ओमान के मासिरा द्वीप के उत्तरपूर्व में हुई। यह स्थान ओमान की राजधानी मस्कट से 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर है।
हमला बृहस्पतिवार रात को ऑइल टैंकर ‘मेरसेर स्ट्रीट’ को निशाना बना कर किया गया। यह घटना बृहस्पतिवार देर रात को ओमान के मासिरा द्वीप के उत्तरपूर्व में हुई। यह स्थान ओमान की राजधानी मस्कट से 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर है।
इजराइल के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि नहीं की है। हालांकि यह कथित घटना ऐसे वक्त हुई है जब इजराइल और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है और विश्व शक्तियों के साथ तेहरान के परमाणु समझौते पर गतिरोध बना हुआ है। बीते महीनों में इजराइल से संबंधित अन्य पोतों पर भी हमले हुए हैं। दोनों देशों के बीच छद्म युद्ध जारी है और इजराइल के अधिकारियों ने इन हमलों के पीछे ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।
ब्रिटेन की सेना की इकाई ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स’ की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया कि घटना की जांच चल रही है। इसमें बताया गया कि यह घटना बृहस्पतिवार देर रात को ओमान के मासिरा द्वीप के उत्तरपूर्व में हुई।
बयान में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन अन्य सूत्रों के अनुसार उन्हें हमले में समुद्री लूटपाट होने का संदेह नहीं है। बृहस्पतिवार को ब्रिटेन की सेना के समूह ने कहा था कि वह इसी इलाके में एक और घटना की जांच कर रहा है।
इजराइल के अरबपति ऐयर ऑफेर के जोडिएक समूह के लंदन स्थित जोडिएक मैनेजमेंट की ओर से वक्तव्य जारी करके कहा गया कि पोत ‘मेरसेर स्ट्रीट’ नाम का ऑइल टैंकर है और यह जापान का है। इससे पहले ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने पोत के मालिकों के बारे में जो जानकारी दी थी वह गलत थी।
वक्तव्य में कहा गया कि घटना के वक्त पोत उत्तरी हिंद सागर में था और दार ए सलाम से फुजैरा जा रहा था। इस पर माल नहीं लदा था।
ओमान ने तत्काल हमले की बात नहीं स्वीकारी है। पश्चिम एशिया के समुद्री क्षेत्र में गश्त करने वाले अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े ने भी इस बारे में अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब ईरान के परमाणु समझौते को लेकर तनाव बढ़ गया है और इसे बहाल करने को लेकर विएना में चल रही बातचीत रुक गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2018 में एकपक्षीय तरीके से समझौते से हट गए थे जिसके बाद से क्षेत्र में जहाजों पर अनेक हमले हुए हैं और इनका संदेह तेहरान पर जाता रहा है।
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