विदेश की खबरें | इजराइल ने हमास की उपयुक्त निंदा नहीं करने को लेकर आयरलैंड के राजदूत को किया तलब
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इजराइली विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया मंच एक्स’ पर किये गए इस पोस्ट में आयरलैंड के राजदूत ने चरमपंथी समूह की उपयुक्त निंदा नहीं की गई है।
इजराइली विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया मंच एक्स’ पर किये गए इस पोस्ट में आयरलैंड के राजदूत ने चरमपंथी समूह की उपयुक्त निंदा नहीं की गई है।
इससे पहले रविवार को, आयरलैंड के प्रधानमंत्री ने इजराइली-आयरिश बच्ची एमिली हैंड की रिहाई की सराहना की।
आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वराडकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक मासूम बच्ची जो खो गई थी, वह मिल गई और वापस भेज दी गई, और हमने राहत की सांस ली है। हमारी दुआएं रंग लाईं।’’
शुरूआत में यह माना जा रहा था कि बच्ची दक्षिणी इजराइल पर सात अक्टूबर को हुए हमास के हमले में मारी गई है। एक महीने बाद, उसके पिता को पता चला कि वह जीवित है और गाजा में बंधक के रूप में रखे गए करीब 240 लोगों में शामिल है।
एमिली उन 17 बंधकों में एक है, जिसे चार दिनों के युद्ध विराम के दूसरे दिन शनिवार को हमास ने रिहा किया।
इजराइल सरकार के अधिकारियों ने वराडकर के सोशल मीडिया ‘पोस्ट’ की आलोचना करते हुए कहा कि इसके अनुसार, एमिली को हमास द्वारा अगवा नहीं किया गया था, बल्कि वह खो गई थी।
इजराइल के विदेश मंत्री एली कोहेन ने कहा, ‘‘श्रीमान प्रधानमंत्री, ऐसा लगता है कि आप सही-गलत में फर्क करना भूल गए हैं और आपको वास्तविकता की जांच करने की आवश्यकता है! एमिली हैंड खोयी नहीं थी, बल्कि आईएसआईएस से भी बुरे आतंकी संगठन ने उसका अपहरण कर लिया था।’’
आयरलैंड की सरकार तुरंत ही प्रधानमंत्री के बचाव में उतर गई और लोक व्यय मंत्री पाश्चल डोनोहे ने कहा कि वराडकर हमास की हिंसा की निंदा करने और इजराइली सैन्य बलों से संयम बरतने का आह्वान करने में मुखर रहे हैं।
आयरलैंड के विदेश विभाग ने कहा, ‘‘हमारी सरकार इस बारे में हर स्तर पर स्पष्ट रही है कि हमास द्वारा अगवा किए गए सभी बंधकों को तुरंत और बिना शर्त रिहा किया जाना चाहिए।’’ इसने कहा कि आयरलैंड के राजदूत को सोमवार को इजराइली विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मिलना है।
इजरायल-हमास युद्ध शुरु होने के बाद से इजराइल द्वारा जारी किया गया यह तीसरा सम्मन है। गाजा में नागरिकों के बड़ी संख्या में मारे जाने के लिए इजराइल की आलोचना किये जाने के बाद इसने (इजराइल ने) बेल्जियम और स्पेन के राजदूतों को भी तलब किया था।
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