विदेश की खबरें | इजराइल ने हजारों फलस्तीनियों को उत्तरी गाजा लौटने से रोका

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इजराइली सुरक्षा बलों ने भीड़ पर गोलीबारी की। अल-अवदा अस्पताल के अनुसार, इजराइली सेना ने रात भर और रविवार को तीन बार भीड़ पर गोलीबारी की, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और एक बच्चे सहित नौ लोग घायल हो गए।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इजराइली सुरक्षा बलों ने भीड़ पर गोलीबारी की। अल-अवदा अस्पताल के अनुसार, इजराइली सेना ने रात भर और रविवार को तीन बार भीड़ पर गोलीबारी की, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और एक बच्चे सहित नौ लोग घायल हो गए।

वहीं, इजराइली सेना ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक लोग घायल हो गए। ये लोग युद्ध विराम के तहत इजराइली सेना की वापसी की मांग कर रहे थे।

इजराइल-हिजबुल्ला युद्ध को रोकने के लिए नवंबर के अंत में संघर्ष विराम समझौते के तहत निर्धारित 60 दिन की समयसीमा में इजराइली सेना को दक्षिणी लेबनान से हटना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्डन, मिस्र और अन्य अरब देशों से गाजा पट्टी से अधिक से अधिक संख्या में फलस्तीनी शरणार्थियों को स्वीकार करने का आग्रह किया है ताकि युद्धग्रस्त क्षेत्र से ज्यादा से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला जा सके।

हमास के वरिष्ठ अधिकारी बासेम नैम ने कहा कि फलस्तीनी लोग ऐसे किसी भी प्रस्ताव को कभी स्वीकार नहीं करेंगे ‘‘भले ही पुनर्निर्माण की आड़ में यह नेक इरादे से किया गया हो।’’ उन्होंने कहा कि अगर इजराइल अपनी नाकाबंदी हटा ले तो फलस्तीनी लोग गाजा का ‘पहले से भी बेहतर’ पुनर्निर्माण कर सकते हैं।

इजराइल-हमास युद्ध विराम के तहत, इजराइल को शनिवार को नेत्ज़ारिम गलियारे के माध्यम से लोगों को उत्तरी गाजा में अपने घरों में लौटने की अनुमति देनी थी। इजराइल ने इसे तब तक रोक दिया है जब तक हमास एक नागरिक बंधक को रिहा नहीं कर देता। इजराइल ने कहा कि बंधक को शनिवार को ही रिहा कर दिया जाना चाहिए था।

हमास ने भी इजराइल पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

हमास ने शनिवार को चार महिला इजराइली सैनिकों को रिहा कर दिया। इजरायल ने भी लगभग 200 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया, जिनमें से अधिकांश घातक हमलों के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।

हालांकि, इजराइल ने कहा कि योहूद को सैनिकों से पहले रिहा किया जाना चाहिए था और जब तक वह रिहा नहीं हो जाती, तब तक वह नेत्ज़ारिम गलियारा नहीं खोलेगा।

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