विदेश की खबरें | इस्लामिक स्टेट के‘बीटल’ को अमेरिकी को बंधक की हत्या के मामले में उम्र कैद की की सजा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अभियोजकों ने शुक्रवार को अमेरिका की अलेक्जेंड्रिया की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बताया कि वह अमेरिकी अदालत द्वारा दोषी करार दिया गया इस्लामिक स्टेट का अबतक का सबसे कुख्यात और उच्च पदाधिकारी है।

अल शेख और उसके ब्रिटिश समकक्ष अलेक्संडा कोटे और मोहम्म्द इम्वाजी नीत इस्लामिक स्टेट का दल बंधक बनाने की योजना पर काम करता था और करीब एक दशक पहले पश्चिमी देशों के करीब 24 नागरिकों को बंधक बनाया था।

बंधक उसकी बोलने की शैली की वजह से ‘बीटल’ ने नाम से पुकारते थे। वह हमेशा नकाब में रहता था और उसकी उपस्थिति बंधकों के लिए खौफ का मंजर पेश करती थी।

अमेरिका के प्रथम सहायक अटॉर्नी राज पारिख ने कहा, ‘‘यह अभियोग आईआईएस (इस्लामिक स्टेट) बीटल की क्रूरता और दूसरों को पीड़ा देने की प्रवृत्ति को बेनकाब करता है।’’

उन्होंने बताया कि अल शेख को इस साल के शुरू में बंधक बनाने, हत्या एवं अन्य अपराधों के लिए दोषी ठहराने के बाद उसे आजीवन कारावास की सजा मिलना लगभग तय था। उन्होंने बताया कि अमेरिका में इन अपराधों में दोषी ठहराए जाने पर उम्र कैद की सजा अनिवार्य रूप से मिलती है।

गौरलतब है कि अमेरिका ने मौत की सजा समझौते के तहत नहीं दी जो अल शेख और उसके दोस्त कोटे का प्रत्यर्पण सुनिश्चत करने के लिए किया गया था। कोटे को पहले ही उम्र कैद की सजा सुनाई जा चुकी है जबकि इम्वाजी ड्रोन हमले में मारा जा चुका है।

यह दोषसिद्धि चार अमेरिकी बंधकों जेम्स फोले, स्टीवन सॉटलॉफ, पीटर कासिग और कायला म्युलर की मौत मामले में हुई है।

म्युलर की हत्या करने से पहले उसे यौन गुलाम बनने पर मजबूर किया गया और इस्लामिक स्टेट के अबु बकर अल बगदादी द्वारा कई बार दुष्कर्म किया गया। बाद में उसकी हत्या कर दी गई।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)