विदेश की खबरें | ईरान की यथाशीघ्र 20 प्रतिशत यूरेनियम को संवर्धित करने की योजना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. यह जानकारी ऐसे समय आई है, जब वर्ष 2018 में परमाणु समझौते से अलग होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्रम्प का कार्यकाल खत्म हो रहा है और ईरान-अमेरिका संबंधों में तनाव चरम पर है।

यह जानकारी ऐसे समय आई है, जब वर्ष 2018 में परमाणु समझौते से अलग होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्रम्प का कार्यकाल खत्म हो रहा है और ईरान-अमेरिका संबंधों में तनाव चरम पर है।

अमेरिकी ड्रोन हमलों में पिछले साल बगदाद में ईरान के शीर्ष जनरल के मारे जाने के बाद तनाव बढ़ गया था। रविवार को उस घटना की बरसी है, अमेरिकी अधिकारियों ने अब ईरान की ओर से संभावित बदले की कार्रवाई को लेकर चिंता जताई है।

ईरान का यह निर्णय उसकी संसद द्वारा एक विधेयक पारित किए जाने के बाद आया है, जिसे बाद में संवैधानिक निगरानी इकाई द्वारा अनुमोदित किया गया था, जिसका उद्देश्य प्रतिबंधों से राहत के लिए यूरोप पर दबाव बढ़ाने के लिए संवर्धन में वृद्धि करना है। इससे अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथग्रहण से पहले भी दबाव बनेगा जिन्होंने कहा है कि वह परमाणु समझौते में फिर से शामिल होने के लिए तैयार हैं।

शुक्रवार रात को इस बारे में जानकारी लीक होने के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने स्वीकार किया कि ईरान ने उसके निरीक्षकों को इस फैसले से अवगत कराया था।

आईएईए ने एक बयान में कहा, ‘‘ईरान ने एजेंसी को सूचित किया है कि हाल ही में देश की संसद द्वारा पारित एक कानूनी अधिनियम का पालन करने के लिए ईरान का परमाणु ऊर्जा संगठन फोर्डो परमाणु ईंधन संवर्धन संयंत्र में 20 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन करना चाहता है।’’

आईएईए ने कहा कि ईरान ने यह नहीं बताया कि ईरान की योजना संवर्धन को कब बढ़ाने की है, हालांकि, ‘‘एजेंसी के निरीक्षक ईरान में पूरे समय मौजूद हैं और उनकी फोर्डो तक नियमित पहुंच है।’’

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख अली अकबर सालेही ने कहा कि ईरान को प्राकृतिक यूरेनियम को 20 प्रतिशत संवर्धित करने के लिए फोर्डो के सेंट्रीफ्यूज में डालने की जरूरत है, जो पहले ही चार प्रतिशत संवर्धित है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह आईएईए की देखरेख में होना चाहिए।’’

उल्लेखनीय है कि तेहरान से 90 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में शियाओं के पवित्र शहर कॉम के नजदीक स्थित फोर्डों में परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने के बाद से ही यूरेनियम संवर्धन का काम शुरू कर दिया गया था।

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