‘सोरोका मेडिकल सेंटर’ इजराइल के दक्षिण में स्थित मुख्य अस्पताल है।
बीर शेबा में सोरोका मेडिकल सेंटर के प्रवक्ता ने बताया कि हमले में अस्पताल को ‘‘भारी नुकसान’’ हुआ है और लोग घायल हुए हैं। अस्पताल ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे इलाज के लिए न आएं।
अस्पताल की वेबसाइट के अनुसार, इस अस्पताल में 1,000 से अधिक बिस्तर हैं और यह इजराइल के दक्षिण के लगभग 10 लाख निवासियों को सेवाएं प्रदान करता है।
हमले को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन अग्निशमन कर्मियों ने कहा कि ऐसा लगता है कि चिकित्सकीय इमारत और कुछ अपार्टमेंट इमारतों को निशाना बनाया गया है।
इस बात की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी कि इन हमलों में कोई हताहत हुआ है या नहीं।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इजराइल ने ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर पर हमला किया है।
ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल ने बृहस्पतिवार को बताया कि इजराइल ने ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर पर हमला किया है।
चैनल ने बताया कि हमले के बाद ‘‘किसी भी तरह के विकिरण का खतरा नहीं’’ है और हमले से पहले ही केंद्र को खाली करा लिया गया था तथा रिएक्टर के आस-पास स्थित असैन्य इलाकों में कोई नुकसान नहीं हुआ है।
इजराइल ने बृहस्पतिवार की सुबह पहले ही चेतावनी दी थी कि वह रिएक्टर पर हमला करेगा और उसने लोगों से क्षेत्र छोड़कर जाने को कहा था।
इजराइली सेना ने कहा कि बृहस्पतिवार को हुए हवाई हमलों का लक्ष्य तेहरान और ईरान के अन्य क्षेत्र थे, लेकिन उसने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। बाद में उसने बताया कि ईरान ने इजराइल पर कई मिसाइलें दागीं। उसने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को कहा।
ईरान पर इजराइल के हवाई हमले सातवें दिन भी जारी रहे। इससे एक दिन पहले ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका के आत्मसमर्पण के आह्वान को खारिज कर दिया था और चेतावनी दी थी कि अमेरिकियों की किसी भी सैन्य भागीदारी से उन्हें ‘‘अपूरणीय क्षति’’ होगी।
वाशिंगटन स्थित एक ईरानी मानवाधिकार समूह ने बताया कि ईरान में 263 आम नागरिकों सहित कम से कम 639 लोग मारे गए हैं और 1,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
जवाबी कार्रवाई में ईरान ने करीब 400 मिसाइल और सैकड़ों ड्रोन दागे हैं, जिससे इजराइल में कम से कम 24 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इनमें से कुछ मिसाइल एवं ड्रोन मध्य इजराइल में अपार्टमेंट इमारतों पर गिरे जिससे भारी नुकसान हुआ है।
अराक रिएक्टर तेहरान से 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है।
परमाणु रिएक्टर को ठंडा करने के लिए भारी जल रिएक्टर का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन यह प्लूटोनियम भी बनाता है जिसका संभावित रूप से परमाणु हथियारों में उपयोग किया जा सकता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY