इंटरपोल ने बाद में कहा कि वह ईरान के अनुरोध पर विचार नहीं करेगा, जिसका मतलब है कि ट्रंप को गिरफ्तार किये जाने का कोई खतरा नहीं है। लेकिन इन आरोपों से ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव स्पष्ट होता है। ईरान और विश्व की प्रमुख शक्तियों के साथ हुए परमाणु समझौते से ट्रंप के अलग हो जाने के बाद दोनों देशों के बीच का तनाव फिर बढ़ गया था।
सरकारी संवाद एजेंसी इरना के मुताबिक तेहरान के अभियोजक अली अलकासीमहर ने कहा कि ईरान ने तीन जनवरी को बगदाद में हुए हमले में ट्रम्प और 35 से अधिक अन्य लोगों के शामिल रहने का आरोप लगाया है। उसी हमले में जनरल कासिम सोलेमानी की मौत हो गयी थी। उन्होंने कहा कि इन आरोपियों पर “हत्या और आतंकवाद” का मामला है।
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खबर के मुताबिक अलकासीमर ने ट्रंप के अलावा किसी अन्य की पहचान नहीं की। लेकिन जोर दिया कि ईरान ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी अभियोजन को जारी रखेगा।
खबर में अलकासीमर को उद्धृत करते हुए कहा गया कि ईरान ने ट्रंप और अन्य पर ‘लाल नोटिस’ जारी करने का अनुरोध किया है जो इंटरपोल द्वारा जारी किया जाने वाला शीर्ष स्तरीय गिरफ्तारी अनुरोध है।
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स्थानीय अधिकारी आम तौर पर अनुरोध करने वाले देश की तरफ से गिरफ्तारी करते हैं। नोटिस हालांकि किसी देश को संदिग्ध को गिरफ्तार या प्रत्यर्पित करने के लिये बाध्य नहीं करता लेकिन यह सरकारों के लिये संदिग्ध की यात्राओं को सीमित करने की स्थिति बना देता है।
इंटरपोल ने बाद में एक बयान जारी कर कहा कि नोटिसों को लेकर उसके दिशानिर्देश उसे “राजनीतिक दखल या गतिविधि” से रोकते हैं।
इसमें कहा गया कि इंटरपोल, “इस प्रकृति को ध्यान में रखते हुए अनुरोध पर विचार नहीं करेगा।”
ईरान के लिये अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि ब्रायन हुक ने सोमवार को सऊदी अरब में एक संवाददाता सम्मेलन में गिरफ्तारी वारंट की घोषणा को खारिज किया।
हुक ने कहा, “यह प्रचार का एक हथकंडा है जिसे कोई गंभीरता से नहीं लेता और इससे ईरान की मूर्खता नजर आती है।
एपी
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