जरुरी जानकारी | अंतरराष्ट्रीय सैलानियों का भारत में खर्च 2025 में 3,200 अरब रुपये पर पहुंचने का अनुमान

नयी दिल्ली, तीन जून विश्व यात्रा और पर्यटन परिषद (डब्ल्यूटीटीसी) ने मंगलवार को कहा कि भारत अपनी विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक नवोन्मेष के मिश्रण के साथ दुनिया की सबसे गतिशील पर्यटन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने के लिए ‘अच्छी स्थिति’ में है। इसके साथ 2025 में देश में अंतरराष्ट्रीय सैलानियों का खर्च 3,200 अरब रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।

वैश्विक पर्यटन निकाय ने गति बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा निरंतर निवेश और लक्षित नीति समर्थन का भी आह्वान किया।

ये आंकड़े डब्ल्यूटीटीसी की अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जूलिया सिम्पसन ने नयी दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान साझा किए।

सिम्पसन ने कोविड महामारी के बाद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पर्यटन क्षेत्र में हुए पुनरुद्धार का उल्लेख किया और कहा कि ‘भविष्य बहुत उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।’

उन्होंने 2025 के लिए भारतीय पर्यटन क्षेत्र के कुछ अनुमानित आंकड़े और 2035 तक के लिए 10-वर्षीय पूर्वानुमान भी साझा किए।

सिम्पसन ने 2024 को भारत में यात्रा और पर्यटन के लिए ‘वास्तव में अविश्वसनीय वर्ष’ करार दिया और कहा कि महामारी के बाद के पुनरुद्धार में घरेलू यात्रा खर्च महत्वपूर्ण था।

उन्होंने कहा, ‘‘... मुझे वास्तव में लगता है कि यह भारत में यात्रा और पर्यटन अर्थव्यवस्था का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रमुख आधार है, अंतरराष्ट्रीय यात्रा अब वापस आ गई है, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।’’

आंकड़ों के अनुसार, 2024 में, भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों का खर्च रिकॉर्ड 3,100 अरब रुपये (36.8 अरब डॉलर) तक पहुंच गया, जो 2019 के पिछले उच्चतम स्तर से नौ प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का पुनरुद्धार भारत में यात्रा, पर्यटन को विकास के एक नए युग में ले जा रहा है।’’

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