अमृतसर/होशियारपुर, 19 जुलाई अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) में दो कोविड-19 मरीजों के शवों की अदला-बदली होने की घटना सामने आई है। इस मामले में जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच शुरू करने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
यह घटना शनिवार को सामने आई जब एक कोविड पीड़ित 92 वर्षीय व्यक्ति के परिवार के सदस्यों ने होशियारपुर में दाह संस्कार से पहले उसका चेहरा देखने पर जोर दिया, लेकिन जब उन्होंने पीपीई किट में लिपटी किसी महिला का शव देखा, तो वे स्तब्ध रह गए।
हालांकि, अमृतसर में कोविड-19 के कारण मरने वाली एक 37 वर्षीय महिला के परिवार ने उस शव का पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया था, जो उसे अस्पताल द्वारा सौंपा गया था।
अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार शाम को अस्पताल में कोविड-19 से पीड़ित दोनों मरीजों ने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि उनके शव शवगृह में भेज दिए गए थे।
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पीपीई किट में लिपटे शवों को उनके घर भेजने के दौरान, अस्पताल के कर्मचारियों ने ताबूत पर गलत नाम चिपका दिया था।
इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए, अमृतसर के उपायुक्त शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने कहा, ‘‘यह एक गंभीर गलती है और पूरे मामले की सच्चाई का पता लगाने और इसकी जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मामले के पूरे तथ्यों का पता लगाने और मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए एक मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं।’’
ढिल्लों ने कहा कि अमृतसर के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट शिवराज सिंह बल इसकी जांच करेंगे।
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