देश की खबरें | चंपावत के लापता उपजिलाधिकारी के शिमला में होने की सूचना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड के चंपावत जिले से लापता उपजिलाधिकारी सदर अनिल चन्याल के एक दिन बाद हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में होने का पता चला है जहां वह स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।

चंपावत, 13 सितंबर उत्तराखंड के चंपावत जिले से लापता उपजिलाधिकारी सदर अनिल चन्याल के एक दिन बाद हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में होने का पता चला है जहां वह स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार को चन्याल की गुमशुदगी की खबर मिलने के बाद से उनकी तलाश में लगे प्रशासनिक अमले को जरूरी दिशा निर्देश दे रहे चंपावत के जिलाधिकारी नरेंद्र भंडारी की भी मंगलवार को उनसे फोन पर बात हो गयी है।

चंपावत के पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा ने बताया कि उपजिलाधिकारी की सुरक्षा में तैनात होम गार्ड रमेश राम ने पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि चन्याल ने शनिवार को उसे और वाहन चालक को घर जाने को कहा था लेकिन जब वह सोमवार को उन्हें लेने गया तो सरकारी आवास पर ताला लटका हुआ था और उनका फोन भी बंद आ रहा था।

इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में जब चन्याल के आवास का ताला तोड़ा गया तो वहां सब कुछ सामान्य था अलबत्ता उनका फोन मेज पर रखा था और उसके साथ एक पर्ची थी जिसपर लिखा था कि इसे जिलाधिकारी के यहां जमा करा देना।

पुलिस ने बताया कि चन्याल के रिश्तेदारों और परिजनों से संपर्क के बाद भी उनका कोई सुराग न मिलने पर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गयी और पुलिस, स्पेशल आपरेशन ग्रुप और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की तीन टीमें उनकी खोज में जुट गयीं।

पींचा ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे से लोकेशन खंगालने का भी प्रयास किया गया लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस बीच, मंगलवार सुबह होमगार्ड रमेश राम को लापता उपजिलाधिकारी का फोन आया और उसके बाद जिलाधिकारी ने भी उनसे बातचीत की। वार्ता की। उन्होंने बताया, तबीयत खराब होने के चलते वह स्वास्थ्य लाभ के लिए शिमला गए है और एक- दो दिन में उनके लौटने की उम्मीद है।

इस बारे में पूछे जाने पर जिलाधिकारी ने संवाददाताओं से चन्याल के आकस्मिक अवकाश पर होने की बात कही। उपजिलाधिकारी के लापता होने और एक दिन बाद शिमला में होने की बात पता चलने के मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

सूत्रों के अनुसार, उपजिलाधिकारी पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे और 15 दिन के अवकाश पर जाना चाहते थे लेकिन मानसून में प्राकृतिक आपदा की आशंका के चलते प्रदेश भर में अवकाश पर रोक लगी हुई थी।

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