लंदन, 25 सितंबर लंदन में भारतीय मूल के एक व्यक्ति ने चिकित्सकों की कथित लापरवाहियों के कारण बेटे की मौत के बाद मरीजों के अधिकारों की वकालत के लिए एक परमार्थ फाउंडेशन की शुरुआत की।
भारतीय मूल के व्यक्ति जय पटेल के 30-वर्षीय बेटे बलराम की लंदन के एक अस्पताल में ‘खराब’ उपचार तथा उचित देखभाल के आभाव में मौत हो गई थी। इसके बाद जय पटेल ने इस माह ‘पेशेंट्स लाइव्स मैटर’ का पंजीकरण कराया।
पटेल ने नये फाउंडेशन के लिए जारी बयान में कहा, ‘‘बलराम की जब मौत हुई, वह काफी पीड़ा में था और बहुत परेशान था। गंभीर खामियों तथा चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों की ओर से उचित उपचार एवं देखभाल न मिलने के कारण समय से पूर्व उसकी मृत्यु हो गई।’’
उन्होंने बयान में कहा, ‘‘हमारा दृढ़ता से मानना है कि सरकार ‘घटना’ के बाद इस दिशा में विचार करने के लिए कदम उठा रही है कि मरीज की देखभाल/ अथवा मरीज के उपचार में कहां गलती हुई। हालांकि घटना के समय कमियों को सुधारने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि रोगी को कम या कोई नुकसान न हो, कोई खास उपाय नहीं थे।’’
पटेल ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी बात संसद तक पहुंचे और बदलाव आए।
‘पेशेंट्स लाइव्स मैटर’ के माध्यम से वह चल रहे उपचार को लेकर दूसरे चिकित्सक की राय तत्काल जानने के वास्ते आसान कदमों की वकालत कर रहे हैं।
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