विदेश की खबरें | दो करोड़ अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी के लिए भारतीय मूल के व्यक्ति को सजा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका में कोरोनावायरस महामारी के बाद सरकार की वित्तीय मदद योजना से दो करोड़ अमेरिकी डॉलर के गबन के आरोप में भारतीय मूल के 54 वर्षीय व्यक्ति को तीन साल से अधिक की जेल की सजा सुनाई गई है।
ह्यूस्टन, पांच अक्टूबर अमेरिका में कोरोनावायरस महामारी के बाद सरकार की वित्तीय मदद योजना से दो करोड़ अमेरिकी डॉलर के गबन के आरोप में भारतीय मूल के 54 वर्षीय व्यक्ति को तीन साल से अधिक की जेल की सजा सुनाई गई है।
न्याय विभाग ने मंगलावर को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ह्यूस्टन के रहने वाले प्रदीप बसरा लाखों डॉलर के कोविड-19 राहत घोटाले का हिस्सा है और उसे पूर्व में धोखाधड़ी के आरोपों में दोषी ठहराया गया था।
बयान में कहा गया है कि उसे, उसके छह सह-साजिशकर्ताओं के साथ सोमवार को तीन साल और पांच महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। साजिश में शामिल आरोपियों को अलग-अलग अवधि की जेल की सजा सुनाई गई है।
मुख्य साजिशकर्ता आमिर अकील को धोखाधड़ी के लिए 15 साल जेल की सजा सुनाई गई है।
विज्ञप्ति में बताया गया कि गिरोह ने कोरोनोवायरस सहायता, राहत एवं आर्थिक सुरक्षा (सीएआरईएस) अधिनियम के तहत स्मॉल बिजनेस एडमिन्स्ट्रेशन (एसबीए) द्वारा माफ किए जाने वाले पेचेक प्रोटेक्शन प्रोग्राम (पीपीपी) ऋण कार्यक्रम से दो करोड़ अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का गबन किया था।
विज्ञप्ति में बताया गया कि उसने (अकील) और उसके साथियों ने जनता के पैसों से लाखों डालर चुराए और उन पैसों से घर, एक पोर्श (कार) और तो और एक लेम्बोर्गिनी (कार) भी खरीदी जबकि इस राशि का इस्तेमाल महामारी के दौरान संघर्ष कर रहे लोगों की मदद करना था।
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