संयुक्त राष्ट्र, तीन फरवरी भारत स्थित एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ने संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) के वार्षिक सत्र में उसके द्वारा सड़क सुरक्षा और पर्यावरण के संरक्षण के वास्ते की गई पहलों का जिक्र किया, जिनमें साइकिल के लिए ‘रिफलेक्टिव स्टिकर’ मुहैया कराना, ‘हेलमेट बैंक’ की सुविधा देना और ‘चिल्ड्रन चालान बुक’ बनाना शामिल है।
ईसीओएसओसी की बैठक में वैश्विक महामारी से मजबूती से उबरने और सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा हासिल करने को लेकर ‘‘साझेदारी फिर से मजबूत’’ करने पर भी जोर दिया गया।
एनजीओ ‘पटियाला फाउंडेशन’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रवि सिंह अहलूवालिया ने इस सप्ताह आर्थिक एवं सामाजिक परिषद वार्षिक भागीदारी फोरम 2023 की बैठक में हिस्सा लिया।
संयुक्त राष्ट्र निकाय से मान्यता प्राप्त एनजीओ, एजेंसियां और हितधारक संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एकत्र हुए और वैश्विक महामारी, यूक्रेन संघर्ष और अन्य संकटों से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े कदमों की आवश्यकता पर जोर दिया।
पंजाब स्थित ‘पटियाला फाउंडेशन’ को 2018 में ईसीओएसओसी विशेष सलाहकार का दर्जा दिया गया था। यह एनजीओ आजीविका के संरक्षण एवं उत्थान, विरासत संरक्षण, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम करता है। ये सभी मुद्दे विभिन्न सतत विकास लक्ष्यों का केंद्र बिंदु हैं।
संगठन मुख्य तौर पर पंजाब में काम करता है, लेकिन इसकी कई परियोजनाएं भारत के अन्य शहरों में भी चलाई जा रही हैं।
अहलूवालिया ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि फोरम ने एनजीओ, एजेंसियों और हितधारकों को एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) हासिल करने और विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए दुनियाभर में स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयासों को साझा करने के वास्ते एक मंच प्रदान किया है।
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