जरुरी जानकारी | भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के दिग्गज एफसी कोहली का 96 वर्ष की आयु में निधन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत में 190 अरब डॉलर के सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का बीज बोने वाले दिग्गज प्रबंधक एवं नेतृत्वकर्ता फकीर चंद कोहली का बृहस्पतिवार को 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

मुंबई, 26 नवंबर भारत में 190 अरब डॉलर के सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का बीज बोने वाले दिग्गज प्रबंधक एवं नेतृत्वकर्ता फकीर चंद कोहली का बृहस्पतिवार को 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की शीर्ष कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस के संस्थापक मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे कोहली को टाटा समूह में खुद जेआरडी टाटा लेकर आए थे।

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टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने उन्हें एक महान हस्ती करार दिया जिन्होंने देश में सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति की नींव रखी।

कोहली को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजा गया।

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सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कोहली को भविष्यदृष्टा बताया जिन्होंने देश में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को खड़ा करने में नेतृत्व किया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने भारतीय सॉफ्टवेयर उद्योग का ‘भीष्म पितामह’ कहा।

सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के संगठन नासकॉम ने कहा कि कोहली ने देश के लिए तकनीक के क्षेत्र में भविष्य देखा और टीसीएस का निर्माण किया।

जनवरी में एक कार्यक्रम के दौरान इंफोसिस के सह-संस्थापक एन. आर. नारायण मूर्ति ने कोहली के पैर छूकर उनके प्रति सम्मान जताया था। विप्रो के प्रमुख अजीम प्रेमजी ने कहा ‘कोहली भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के सच्चे पथ प्रवर्तक थे। हमने उनके पदचिह्नों का अनुसरण किया।

उद्योग संघ नासकाम ने कहा कि कोहली ने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अवसर को पहचाना और टीसीएस जैसी कंपनी का निर्माण किया।

ब्रिटेन-भारत उद्यमी परिषद के ग्रुप सीईओ जयंत कृष्णा ने कहा कि ‘कोहली को इस बात का मलाल रहा कि सरकार ने देश में विश्वस्तरीय सेमी-कंडक्टर उद्योग की स्थापना के बारे में उनके परामर्शों पर ध्यान नहीं दिया और यही कारण है कि भारत आईटी हार्डवेयर उद्योग का केंद्र नहीं बन सका।

वह भारतीय ओं में साफ्टवेयर का विकास चाहते थे ताकि डिजिटल प्रौद्योगिकी की पहुंच में विषमता न हो पर ऐसा न हो पाने का भी उन्हें मलाल रहा।

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