देश की खबरें | भारत ने सहयोगी देशों के साथ पारस्परिक टीका प्रमाणन तंत्र का प्रस्ताव किया : श्रृंगला
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने सहयोगी देशों के साथ साझा रूप से स्वीकार्य कोविड-19 टीका प्रमाणन ढांचे का प्रस्ताव किया है ताकि अंतररष्ट्रीय यात्रा व्यवस्था को सरल बनाया जा सके । उन्होंने बताया कि इनमें से कई ने इसपर सहमति व्यक्त की है।
नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने सहयोगी देशों के साथ साझा रूप से स्वीकार्य कोविड-19 टीका प्रमाणन ढांचे का प्रस्ताव किया है ताकि अंतररष्ट्रीय यात्रा व्यवस्था को सरल बनाया जा सके । उन्होंने बताया कि इनमें से कई ने इसपर सहमति व्यक्त की है।
श्रृंगला ने संवाददाताओं को बताया कि यह तंत्र सहयोगी देशों द्वारा टीका प्रमाणन की प्रक्रिया की ईमानदारी को पारस्परिक रूप से मान्यता देने पर आधारित होगा और इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सामान्य बनाने में मदद मिलेगी ।
भारत बायोटेक के कोवैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से आपातकालीन उपयोग की सूची के तहत मान्यता देने में देरी के बारे में एक सवाल के जवाब में श्रृंगला ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इसे जल्द मंजूरी मिल जायेगी ।
विदेश सचिव ने कहा कि डब्ल्यूएचओ से जुड़े नियामक निकाय ने भारत बायोटेक से कुछ सवाल पूछे हैं और अगर सवालों की प्रभावी प्रतिक्रिया होगी तो टीके को मंजूरी मिल जायेगी ।
उन्होंने कहा कि भारत ने सहयोगी देशों को प्रस्ताव किया है कि हमें आपसी तंत्र बनाना चाहिए जहां आप हमारे टीके को मान्यता दें और हम आपके टीका प्रमाणन को पारस्परिक रूप से मान्यता दें ।
श्रृंगला ने कहा, ‘‘ इसका फायदा यह होगा कि जैसे हम अपने राष्ट्रीय टीका भंडार में नये टीके जोड़ेंगे तो आपको प्रत्येक देश जाकर मान्यता प्राप्त करने की जरूरत नहीं होगी । आप हमारी ओर से जारी प्रमाणपत्र को मान्यता दें और आप इसकी ईमानदारी को स्वीकार करें और इसी तरह से हम आपके साथ व्यवहार करेंगे । ’’
विदेश सचिव ने कहा कि अनेक देशों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया है । हालांकि, उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया ।
डब्ल्यूएचओ से कोवैक्सीन को मान्यता मिलने में देरी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस वैश्विक निकाय की नियामक समिति की 26 अक्टूबर को बैठक हुई थी और भारत बायोटेक से कुछ सवाल पूछे गए थे जिसका जवाब निर्माता जल्द उपलब्ध करायेगा ।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह एक तकनीकी और नियामक समूह है। डब्ल्सूएचओ द्वारा आपातकालीन मान्यता तकनीकी आधार पर विचार करने के बाद दी जाती है । हम डब्ल्यूएचओ में चर्चा पर सावधनीपूर्वक नजर रखे हुए हैं । हमें उम्मीद है कि कोवैक्सीन को जल्द ही मान्यता मिलेगी । ’’
विश्व व्यापार संगठन में टीके सहित कोविड से जुड़े चिकित्सा उत्पादों के संबंध में भारत के छूट संबंधी प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमने कोविड-19 रोग नियंत्रण उपकरणों तक समतामूलक एवं वहनीय पहुंच सुनिश्चित करने के लिये प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, आपूर्ति श्रृंखला के विविधिकरण तथा उत्पादन केंद्र की वकालत की है।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि जी-20 ने वृहद टीकाकरण को दुनिया के लोगों के हित के रूप में मान्यता दी है।
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