देश की खबरें | भारत, पाकिस्तान ने स्थायी सिंधु आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत और पाकिस्तान ने 30-31 मई को सिंधु आयोग की रूपरेखा के तहत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की तथा संबंधित विषयों का समाधान सिंधु जल संधि के तहत द्विपक्षीय बातचीत के तहत निकालने की प्रतिबद्धता की सराहना की । विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी ।

नयी दिल्ली, 31 मई भारत और पाकिस्तान ने 30-31 मई को सिंधु आयोग की रूपरेखा के तहत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की तथा संबंधित विषयों का समाधान सिंधु जल संधि के तहत द्विपक्षीय बातचीत के तहत निकालने की प्रतिबद्धता की सराहना की । विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी ।

मंत्रालय के बयान के अनुसार, बैठक में मंगलवार को दोनों पक्षों ने मार्च 2022 में समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिये स्थायी सिंधु आयोग (पीआईसी) की वार्षिक रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया और इस पर हस्ताक्षर किए।

बयान में कहा गया है कि, ‘‘ बैठक सौहार्दपूर्ण रूप से हुई । आयोग ने समय समय पर संवाद करने और संबंधित विषयों का समाधान सिंधु जल संधि के तहत द्विपक्षीय बातचीत के तहत निकालने की दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता की सराहना की ।’’

इसमें कहा गया है कि पीआईसी की अगली बैठक दोनों पक्षों की सुविधा के अनुरूप सहमत तारीख को पाकिस्तान में आयोजित करने पर सहमति बनी ।

बयान के अनुसार, स्थायी सिंधु आयोग की118वीं बैठक में भारत और पाकिस्तान के सिंधु आयुक्तों ने हिस्सा लिया और यह 30-31 मई 2022 को नयी दिल्ली में हुई। इसमें भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व सिंधु जल के लिये भारतीय आयुक्त ए के पाल तथा पाकिस्तानी दल का नेतृत्व सैयद मोहम्मद मेहर अली शाह कर रहे हैं।

गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के तहत पूर्वी नदियों सतलुज, ब्यास और रावी में मौजूद पूरे पानी का करीब 3.3 करोड़ एकड़ फुट वार्षिक भारत को दिया गया है जिसका उपयोग वह बिना किसी पाबंदी के कर सकता है।

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