देश की खबरें | भारत जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने वाला जी20 का एकमात्र देश : मोदी

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नयी दिल्ली, 15 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि जी20 देशों में भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसने 2015 के पेरिस समझौते के तहत निर्धारित जलवायु लक्ष्यों को तय समय से पहले हासिल कर लिया है।

उन्होंने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती से निपटने के भारत के प्रयासों ने दुनिया को ‘‘आश्वस्त और आश्चर्यचकित’’ किया है।

मोदी ने कहा, ‘‘मैं दुनिया को अपने देश के लोगों की ताकत के बारे में बताना चाहता हूं। मेरे देश और इसके लोगों ने वह हासिल किया है जो अन्य जी20 देशों ने नहीं किया है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमने पेरिस समझौते के तहत निर्धारित जलवायु लक्ष्यों को समय से पहले पूरा कर लिया है। जी20 देशों में भारत ऐसा करने वाला एकमात्र देश है और हमें इस पर गर्व है।’’

भारत ने वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए अपनी अद्यतन राष्ट्रीय जलवायु योजना या राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) के हिस्से के रूप में 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन-आधारित बिजली की स्थापित क्षमता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘जब दूसरे देशों में लोग '500 गीगावॉट' शब्द सुनते हैं तो वे मुझे आश्चर्य से देखते हैं।’’

उन्होंने विश्वास जताया कि भारत इस लक्ष्य को पूरा करेगा।

मोदी ने कहा, ‘‘यह मानवता के लिए महत्वपूर्ण है और हमारे बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य की गारंटी के रूप में काम करेगा।’’

उनके मुताबिक, वर्तमान में देश में 446 गीगावाट की बिजली उत्पादन क्षमता है, जिसमें गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों से लगभग 195 गीगावॉट शामिल है।

उन्होंने कहा, ‘‘हरित हाइड्रोजन मिशन के माध्यम से भारत हरित हाइड्रोजन का वैश्विक केंद्र बन जाएगा। हमने नीतियां बनाई हैं और उस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस ऊर्जा परिवर्तन के साथ, ‘हरित रोजगार’ के कई अवसर पैदा होंगे और भारत पहले इन अवसरों का लाभ उठाने का इरादा रखता है।

हक

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