देश की खबरें | भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा : डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख सारस्वत
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जमशेदपुर(झारखंड), दो जुलाई नीति आयोग के सदस्य और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व प्रमुख वी. के. सारस्वत ने बुधवार को कहा कि भारत अपने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है।
सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला की पांचवीं प्लेटिनम जुबली व्याख्यान में भाग लेने के लिए इस्पात नगरी आए सारस्वत ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत अपनी रक्षा जरूरतों का 70 प्रतिशत आयात करता था।
डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख सारस्वत ने कहा, ‘‘अब प्रवृत्ति उलट गई है और हम अपनी जरूरतों का 70 प्रतिशत उत्पादन स्वदेश में करते हैं।’’
उन्होंने कहा कि एस-400 वायु रक्षा प्रणाली जैसे कुछ सैन्य साजोसामान को छोड़कर, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किए गए अधिकांश हथियार और मिसाइलें - जैसे आकाश और ब्रह्मोस - स्वदेश निर्मित थे।
उन्होंने कहा, ‘‘आज, देश सशस्त्र बलों की तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए, या जहां हमारे पास प्रौद्योगिकी नहीं है, हथियारों के आयात पर निर्भर है।’’ उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में रक्षा उत्पादन में देश की आत्मनिर्भरता काफी बढ़ी है क्योंकि केंद्र निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है।
सारस्वत ने कहा कि वे वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल) के वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों से प्रसन्न हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने निजी क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
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