जरुरी जानकारी | भारत, यूरोपीय संघ के एफटीए में गैर-शुल्क बाधाएं भी शामिल होंः स्वीडिश मंत्री

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स्टॉकहोम, 11 जून यूरोपीय संघ के सदस्य देश स्वीडन ने बुधवार को कहा कि भारत के साथ एक ऐसे ‘मुक्त व्यापार समझौते’ (एफटीए) की दिशा में काम करना चाहिए जो शुल्क एवं गैर-शुल्क बाधाओं को संबोधित करता हो।

स्वीडन के अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एवं विदेशी व्यापार मंत्री बेंजामिन दोउसा ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) दोनों ही क्षेत्र वर्तमान में ‘थोड़ा अधिक विनियमित’ हैं लिहाजा शुल्क एवं गैर-शुल्क बाधाएं माल के सुचारू सीमापार प्रवाह के लिए महत्वपूर्ण हैं।

दोउसा ने भारत और स्वीडन के व्यापारिक दिग्गजों को संबोधित करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ और भारत को प्रस्तावित एफटीए के लागू होने से काफी लाभ होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ और भारत दोनों के लिए सबसे अच्छा एक ऐसा एफटीए होगा जो न केवल शुल्क के बारे में हो बल्कि उसमें गैर-शुल्क बाधाएं भी शामिल हों। मुझे लगता है कि यूरोपीय संघ और भारत दोनों ही क्षेत्रों में हम अभी थोड़े अधिक विनियमित हैं।’’

उन्होंने कहा कि अगर भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करना जारी रख सकता है तो वह एक विश्वसनीय विनिर्माण केंद्र बन सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वीडन भारत को अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विनिर्माण का हिस्सा बढ़ाने में मदद कर सकता है।

इस अवसर पर दोउसा ने कहा कि स्वीडन की दिग्गज फर्नीचर विक्रेता कंपनी आइकिया भारत से अपनी सोर्सिंग को मौजूदा 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की योजना बना रही है।

आइकिया फिलहाल भारत से कपड़ा, प्लास्टिक और धातु जैसे उत्पाद खरीदती है और उसकी भविष्य में और भी उत्पाद जोड़ने की मंशा है। फिलहाल यूरोप आइकिया के उत्पादों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस कार्यक्रम में कहा कि भारत और 27 यूरोपीय देशों के समूह के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते में गैर-शुल्क बाधाएं भी चर्चा का हिस्सा हैं।

वह स्वीडन के साथ व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा के लिए दो-दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आए हुए हैं।

गोयल ने कहा कि भारत में निवेश के माहौल को बेहतर बनाने के लिए सरकार बुनियादी ढांचे में सालाना करीब 125 अरब डॉलर का निवेश करने जैसे कई कदम उठा रही है। गोयल ने कहा, ‘‘हम इस समय वृद्धि के एक सकारात्मक चक्र से गुजर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत स्वीडिश फर्मों के लिए निवेश के बड़े अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत में 280 स्वीडिश कंपनियों की मौजूदगी है।

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