देश की खबरें | भारत, यूरोपीय संघ ने लोकतंत्र के मूल्यों, मानवाधिकार के सम्मान के लिए प्रतिबद्धता जतायी

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नयी दिल्ली, 12 अप्रैल भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने साझा सिद्धांतों और लोकतंत्र के मूल्यों, आजादी, कानून के शासन और मानवाधिकार के सम्मान के लिए सोमवार को अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी। विदेश मंत्रालय ने इस बारे में बताया।

पिछले साल जुलाई में दोनों पक्षों के बीच शिखर वार्ता में हुए निर्णय के आलोक में राष्ट्रीय राजधानी में नौवें भारत-ईयू मानवाधिकार संवाद में दोनों पक्षों ने इन मुद्दों पर विचार साझा किए।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूरोपीय संघ ने किसी भी मामले में मृत्युदंड को लेकर अपना विरोध दोहराया।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘विश्व के दो बड़े लोकतंत्र के नाते भारत और यूरोपीय संघ ने मानवाधिकार को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने सभी तरह के मानवाधिकारों के पालन पर जोर दिया।’’

बयान में कहा गया कि भागीदारों ने सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जैसे तमाम क्षेत्रों में मानवाधिकार को मजबूत करने पर विचार साझा किए।

बयान के मुताबिक, ‘‘उन्होंने नागरिक और राजनीतिक अधिकार, धर्म या पंथ की स्वतंत्रता, महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकार, अल्पसंख्यकों और कमजोर समूहों के अधिकारों पर दृष्टिकोण साझा किया।’’

दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत-यूरोपीय संघ के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर भी चर्चा की।

बयान में कहा गया, ‘‘दोनों पक्ष अगले साल वार्ता के अगले संस्करण को लेकर उत्सुक हैं।’’

विदेश मंत्रालय में पश्चिम यूरोप के लिए संयुक्त सचिव और भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत उगो अस्तुतो ने वार्ता की अध्यक्षता की।

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