देश की खबरें | भारत एएआरडीओ सदस्य देशों के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध: मंत्री

नयी दिल्ली, 19 फरवरी ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि भारत अफ्रीकी-एशियाई ग्रामीण विकास संगठन (एएआरडीओ) के सदस्य देशों के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है और वह इस मंच में अपना तकनीकी योगदान बढ़ाएगा।

चौहान ने अफ्रीकी-एशियाई ग्रामीण विकास संगठन (एएआरडीओ) की कार्यकारी समिति के 77वें सत्र के उद्घाटन के अवसर पर कहा, ‘‘भारत एएआरडीओ को वार्षिक सदस्यता के तहत सबसे अधिक अंशदान देता है, जो लगभग 1,55,300 अमेरिकी डॉलर है। भारत सरकार एएआरडीओ को समय-समय पर संगठनात्मक, तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करती रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत सदस्य देशों के ग्रामीण क्षेत्रों के बदलाव में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। भारत 2025-27 में अपना तकनीकी सहयोग भी जारी रखेगा। तकनीकी योगदान को 2,00,000 अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 2,50,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष किया जाएगा।’’

चौहान ने यह भी कहा कि क्षमता निर्माण प्राथमिकता रहेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा, प्रौद्योगिकी और समावेशी विकास वे आधारशिलाएं हैं जिन पर हम एशिया और अफ्रीका की ग्रामीण आबादी के भविष्य का निर्माण करेंगे।’’

चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में भी बात की।

उन्होंने कहा कि सरकार का इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य है।

चौहान ने कहा कि भारत 1961 से इस दक्षिण-दक्षिण सहयोग मंच का हिस्सा रहा है और इसके संस्थापक सदस्यों में से एक है।

कार्यकारी समिति का 77वां सत्र 19-20 फरवरी को एएआरडीओ के मुख्यालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस सत्र में 2025-2027 की त्रिवर्षीय अवधि के लिए एएआरडीओ सम्मेलन के 21वें आम सत्र के लिए अध्यक्ष और दो उपाध्यक्षों (एशिया और अफ्रीका से एक-एक) के नाम प्रस्तावित किए जाएंगे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)