जरुरी जानकारी | भारत ने पॉलिएस्टर धागे की डंपिंग की जांच शुरू की

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नयी दिल्ली, 27 मई भारत ने चीन, इंडोनेशिया, नेपाल और वियतनाम से कपड़ा उद्योग में उपयोग होने वाले पॉलिएस्टर धागे की कथित डंपिंग की जांच शुरू की है। इस कदम का मकसद घरेलू कंपनियों का सस्ते आयात से बचाव करना है।

सूर्यलक्ष्मी कॉटन मिल और सूर्यलता स्पिनिंग मिल समेत आठ घरेलू विनिर्माताओं की शिकायत पर जांच शुरू की गयी है।

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वाणिज्य मंत्रालय के अधीन आने वाले व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) को दिये आवेदन में इन कंपनियों ने आरोप लगाया है कि उक्त देशों से धागे की डंपिंग से घरेलू उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। कंपनियों ने सरकर को इन आयातों पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने का आग्रह किया है।

डीजीटीआर ने एक अधिसूचना में कहा कि प्रथम दृष्ट्या घरेलू कंपनियों के साक्ष्यों को देखने के बाद प्राधिकरण मामले की जांच शुरू कर रहा है ताकि डंपिंग, उसकी मात्रा और प्रभाव का निर्धारण हो सके।

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महानिदेशालय इस बात की जांच करेगा कि क्या उत्पाद की डंपिंग से घरेलू कंपनियां प्रभावित हो रही हैं? अगर यह प्रमाणित हो जाता है, डीजीटीअर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश करेगा। इस बारे में अंतिम निर्णय राजस्व विभाग करेगा।

डंपिंग से आशय ऐसी स्थिति से है जब कोई देश या कंपनी घरेलू मूल्य से कम पर वस्तुओं का निर्यात करती है।

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